सुशांत सिंह राजपूत केस में अब नारकोटिक्स डिपार्टमेंट ने अपनी जांच आगे बढ़ाते हुए बॉलीवुड के बड़े चेहरों को समन भेजने की तैयारी कर ली है। इस हफ्ते बॉलीवुड एक्ट्रेस श्रद्धा कपूर, रकुलप्रीत सिंह, सारा अली खान और सिमोन खंबाटा को समन भेजा जाएगा। श्रद्धा कपूर का नाम दीपेश और जगदीश के बोट वाले बयान में आया था, श्रद्धा का डायरेक्ट रोल ड्रग्स में नही पाया गया है पर उन्हें पूछताछ के लिए समन भेजा जाएगा। वहीं सिमोन खंबाटा, रकुल प्रीत सिंह, सारा अली खान का डायरेक्ट कनेक्शन सामने आया है और इन्हें भी समन किया जाएगा।

पावना के बोटमैन ने खुलासा करते हुए बताया कि श्रद्धा कपूर, सारा अली खान और रकुल प्रीत सिंह सुशांत के साथ फॉर्महाउस आती थीं और बोट से आईलैंड जाती थीं। सारा तीन बार सुशांत के साथ बोटिंग करने आई हैं। हालांकि तीनों एक्ट्रेस अलग अलग सुशांत के साथ आई हैं तीनों एकसाथ कभी सुशांत के साथ फॉर्महाउस नहीं आई हैं।

वहीं दूसरी तरफ मुंबई में मादक पदार्थ के धंधे के खिलाफ अपना अभियान जारी रखते हुए, नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) ने अपनी जांच के तहत चार और ड्रग पेडलर को हिरासत में लिया है। एक अधिकारी ने शुक्रवार को यहां यह जानकारी दी। ठाणे के अलावा मुंबई के पवई और अंधेरी उपनगरों में छापेमारी करते हुए, एनसीबी ने चरस और गांजे जैसे कुल 1,418 किलोग्राम मादक पदार्थ बरामद किए हैं।

एनसीबी के एक अधिकारी ने कहा, “हमने गुरुवार देर रात विश्रा के घर से 928 ग्राम चरस और 4,36,000 रुपये नकद बरामद किए हैं।”
अरनेजा के बयान के आधार पर ही एनसीबी ने एक अन्य ड्रग पेडलर रोहन तलवार के घर पर छापा मारकर 10 ग्राम गांजा बरामद किया। एनसीबी ने बताया कि तलवार से पूछताछ में एनसीबी को एक अन्य शख्स नोगथौंग के बारे में पता चला जिसके पास से 370 ग्राम गांजा बरामद हुआ।

नोगथौंग ने अपने सहयोगी विशाल साल्वे के नाम का खुलासा किया, उसे भी पकड़ लिया गया और एनसीबी ने उसके पास से 110 ग्राम गांजा बरामद किया। सभी को हिरासत में ले लिया गया है और आगे की जांच जारी है क्योंकि एनसीबी ड्रग्स माफियाओं के साथ बॉलीवुड के कथित सांठगांठ और इससे जुड़े सुशांत की मौत के संभावित लिंक को उजागर करने के प्रयास में लगी हुई है।

वहीं दूसरी तरफ सुशांत सिंह राजपूत केस की जांच कर रही सीबीआई ने शुक्रवार को वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात की और उन्हें अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की रहस्यमयी मौत को लेकर हो रही छानबीन पर अब तक के डवलपमेंट से अवगत कराया। कई लोगों के बयान दर्ज कर और क्राइम सीन को रीक्रिएट कर लगभग एक महीने बाद मुंबई से दिल्ली वापस लौटी टीम ने एजेंसी के वरिष्ठ अधिकारियों संग मुलाकात की और उन्हें छानबीन के बारे में विस्तार से बताया।