देश में कोरोना की दूसरी बेहद खतरनाक लहर के बाद रोजाना नए मरीजों की संख्या साढे तीन लाख से ज्यादा आ रही है जबकि तीन हजार से ज्यादा लोग हर रोज अपनी जान गंवा रहे हैं.  कोरोना के इस कहर के बीच एक मई से कई राज्यों में वैक्सीनेशन के तीसरे चरण की शुरुआत कर दी गई है. इस चरण में 18 साल से ऊपर के सभी लोगों को वैक्सीन लगाई जा रही है. हालांकि, कुछ राज्यों ने वैक्सीन की कमी का हवाला देकर वहां पर सिर्फ 45 साल के ऊपर के लोगों को ही वैक्सीन लगा रहे हैं.

कोरोना वैक्सीन के लिए सौ फीसदी एडवांस

इस बीच केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने उन मीडिया रिपोर्ट्स को गलत करार दिया है, जिसमें यह कहा गया कि सरकार ने कोरोना टीके के नए ऑर्डर नहीं दिए हैं. मंत्रालय की तरफ से मंगलवार को यह कहा गया- यह साफ किया जाता है कि 11 करोड़ वैक्सी की डोज के लिए 28 अप्रैल को सौ फीसदी एडवांस 1732.50 करोड़ (टीडीएस के बाद 1699.50 करोड़ रुपये) सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया को मई, जून और जुलाई के लिए दिया गया है.

स्वास्थ्य मंत्रालय ने आगे कहा- “कोविशील्ड वैक्सीन के पिछले 10 करोड़ डोज के ऑर्डर में से 8.744 करोड़ डोज 3 मई तक डिलीवर कर दी गई. इसके अतिरिक्त, भारत बायोटेक को 5 करोड़ वैक्सीन की डोज के लिए सौ फीसदी एडवांस 787.50 करोड़ रुपये मई, जून और जुलाई के लिए जारी किया जा चुका है.”

सीरम ने मानी एडवांस की बात

इधर, एस्ट्रेजेनिका के साथ कोविशील्ड वैक्सीन तैयार कर रही पुणे स्थित देश की सबसे बड़ी दवा निर्माता कंपनी सीरम इंस्टीट्यूट ने ट्वीट करते हुए इस में हामी भरी है. उसने कहा- हम इस कथन और सूचना की प्रामाणिकता का समर्थन करते हैं. हम पिछले एक साल से भारत सरकार के साथ मिलकर काम कर रहे हैं और इसके समर्थन के लिए धन्यवाद करते हैं. हम हर एक जीवन जिसे हम बचा सकते हैं, उसके लिए अपने टीके के उत्पादन को बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं.