1. लियोनल मेसी अपने देश अर्जेंटीना और क्रिस्टियानो रोनाल्डो पुर्तगाल टीम को फीफा वर्ल्ड कप नहीं जिता सके
  2. वहीं, किलियन एम्बाप्पे की मौजूदगी में पिछला फीफा वर्ल्ड कप फ्रांस ने क्रोएशिया को हराकर जीता था
  3. फ्रांस के र फुटबॉलर किलियन एम्बाप्पे इस साल 20 दिसंबर को 22 साल के हो जाएंगे। एम्बाप्पे की उम्र इसलिए बता रहे हैं, क्योंकि उन्होंने इस उम्र में जो किया है, वह अर्जेंटीना के लियोनल मेसी 33 की उम्र और पुर्तगाल के क्रिस्टियानो रोनाल्डो 35 की उम्र तक भी नहीं कर पाए हैं। यह बड़ी उपलब्धि अपने देश के लिए फीफा वर्ल्ड कप जीतना है। पेरिस सेंट-जर्मेन (पीएसजी) के स्टार फुटबॉलर एम्बाप्पे आज बायर्न म्यूनिख के खिलाफ यूईएफए चैम्पियंस लीग का फाइनल खेलने उतरेंगे।
  4. 2015 में प्रोफेशनल करियर की शुरुआत करने वाले एम्बाप्पे ने 2018 में अपने देश को फीफा वर्ल्ड कप जिताया है। फाइनल में फ्रांस ने क्रोएशिया को 4-2 से हराया था। इस मैच में एम्बाप्पे ने 1 गोल भी दागा था। इसी के साथ वे ब्राजील के लेजेंड पेले के बाद वर्ल्ड कप फाइनल में गोल करने वाले सबसे युवा खिलाड़ी भी बने थे।

    एम्बाप्पे के पास अपना पहला चैम्पियंस लीग खिताब जीतने का मौका
    वहीं, दूसरी ओर मेसी ने 2005 और रोनाल्डो ने 2002 में प्रोफेशनल करियर की शुरुआत की थी। तब से दोनों ने अपने-अपने क्लब को कई बार घरेलू टूर्नामेंट के साथ यूरोपा और चैम्पियंस लीग खिताब जिताए, लेकिन अपने देश को फीफा वर्ल्ड कप में चैम्पियन नहीं बना सके। यदि एम्बाप्पे अपना पहला चैम्पियंस लीग खिताब जिताते हैं, तो वे मेसी और रोनाल्डो को और भी पीछे छोड़ देंगे।

    एम्बाप्पे वर्ल्ड कप फाइनल में गोल करने करने वाले दूसरे युवा प्लेयर
    एम्बाप्पे ने अपना पहला इंटरनेशनल गोल भी 2018 फीफा वर्ल्ड कप के क्वालिफिकेशन मुकाबले में नीदरलैंड के खिलाफ किया था। 2017 में एम्बाप्पे ने 18 की उम्र में फ्रांस के लिए डेब्यू किया था। वे सबसे कम उम्र में देश के लिए खेलने वाले मार्यन विस्नीस्की के बाद दूसरे खिलाड़ी बने थे।

  5. 5 साल के करियर में एम्बाप्पे ने 6 घरेलू क्लब खिताब जीते
    एम्बाप्पे पिछले 4 सीजन से फ्रांस के घरेलू टूर्नामेंट लीग-1 की चैम्पियन टीम का हिस्सा रहे हैं। 2017 में मोनाको ने खिताब जीता था। इसके बाद से लगातार तीन बार पीएसजी चैम्पियन रही है। उन्होंने पीएसजी को फ्रेंच कप और लीग कप भी जिताया है। वे अब तक चैम्पियंस लीग खिताब नहीं जीत सके हैं।