दिल्ली, लाइफस्टाइल डेस्क। प्राचीन काल से भारत में योग किया जाता रहा है। भगवान शिव स्वंय एक योगी हैं, जो कैलाश पर्वत पर विराजमान हैं और सदैव योग करते रहते हैं। योग करने से शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर अनुकूल असर पड़ता है। व्यक्ति न केवल सेहतमंद रहता है, बल्कि हर समय एनर्जेटिक महसूस करता है। योग के कई आसन हैं। इनमें एक आसन मयूरासन है। इस योगासन के कई स्वास्थ्य लाभ हैं। खासकर पेट संबंधी विकारों को दूर करने के लिए यह रामबाण दवा है। विशेषज्ञ कई अन्य बीमारियों में भी मयूरासन करने की सलाह देते हैं। अगर आपको मयूरासन के बारे में नहीं पता है, तो आइए जानते हैं-

मयूरासन क्या है

यह दो शब्दों मयूर अर्थात मोर और आसन यानी बैठना से मिलकर बना है। इसका शाब्दिक अर्थ मोर की मुद्रा में बैठना है।  इस योग को करते समय शरीर की आकृति मोर जैसी दिखाई देती है। हालांकि, शुरुआत में इस योग को करने में कठिनाई होती है, लेकिन अभ्यास के साथ मयूरासन करना आसान हो जाता है। इस योग को करने से पहले विशेषज्ञ की जरूर सलाह लें।

मयूरासन कैसे करें

इसके लिए समतल भूमि पर दरी बिछा लें। अब उस पर घुटनों के बल बैठ जाएं। इसके बाद अपने दोनों हाथों को ज़मीन पर टिकाएं। इस समय ध्यान रखें कि हाथों के पंजे पैरों की ओर रहें। इसके बाद हाथों पर भार देते हुए अपने पैरों को हवा में लहराएं। साथ ही शरीर का अगर भाग भी हवा में उठाने की कोशिश करें। इस दौरान कोशिश रहे कि आपका शरीर हवा में  और शरीर का भार दोनों हाथों पर रहें। इस मुद्रा में कुछ पल रुकें। इसके बाद पुनः पहली अवस्था में आ जाएं।

मयूरासन के लाभ

-इस योग को करने से हाथ और भुजाएं मजबूत होती है।

-इसे करने से पेट संबंधी सारे विकार दूर हो जाते हैं। अगर किसी व्यक्ति को कब्ज, अपच, बदहजमी की शिकायत हैं, तो वह व्यक्ति मयूरासन को अपनी ज़िंदगी में अपना सकते हैं।

-इससे शरीर लचीला बनता है। साथ ही हाथ, पैर और कंधे को मजबूती मिलती है।

-ऐसा कहा जाता है कि मयूरासन करने से चेहरे पर कांति आती है। अगर आप अपनी खूबसूरती को लेकर अधिक सजग हैं, तो आपको मयूरासन जरूर करना चाहिए।

डिस्क्लेमर: स्टोरी के टिप्स और सुझाव सामान्य जानकारी के लिए हैं। इन्हें किसी डॉक्टर या मेडिकल प्रोफेशनल की सलाह के तौर पर नहीं लें। बीमारी या संक्रमण के लक्षणों की स्थिति में डॉक्टर की सलाह जरूर लें।