श्रीलंका के पूर्व तेज गेंदबाज और कोच नुवान जोएसा को मैच फिक्सिंग के साथ साथ संदिग्ध भारतीय सट्टेबाजों की भ्रष्ट पेशकश का खुलासा नहीं करने का दोषी पाया गया है. इसके साथ ही अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) ने उनपर क्रिकेट से सम्बन्धित किसी भी प्रकार की गतिविधियों में शामिल होने पर छह साल का प्रतिबंध लगा दिया गया है. जोएसा पर ये आरोप लगने के बाद 31 अक्टूबर 2018 को उन्हें अस्थायी तौर पर निलंबित कर दिया गया गया था. आईसीसी के अनुसार उनपर लगे इस प्रतिबंध की शुरुआत इसी तारीख से मानी जाएगी.
आईसीसी की इंटीग्रिटी यूनिट के महाप्रबंधक एलेक्स मार्शल ने एक बयान जारी करते हुए कहा, ‘‘एक राष्ट्रीय टीम के कोच के रूप में उन्हें आदर्श स्थापित करना चाहिए था. इसके बजाय वह भ्रष्ट गतिविधियों में शामिल होकर भ्रष्ट बन गये और अपनी टीम के अन्य सदस्यों को भी इसमें शामिल करने का प्रयास करने लगे.’’ साथ ही उन्होंने कहा, ‘‘मैचों को फिक्स करना हमारे इस खेल के सिद्वांतों के साथ धोखा है. क्रिकेट के खेल में इसे सहन नहीं किया जाएगा.’’
जोएसा पर 2017 में मैच फिक्सिंग के लगे थे आरोप 
श्रीलंका की तरफ से 30 टेस्ट और 95 वनडे खेलने वाले 42 वर्षीय जोएसा पर 2017 में यूएई में आयोजित टी10 टूर्नामेंट के दौरान श्रीलंकाई टीम के गेंदबाजी कोच के तौर पर काम करते हुए भ्रष्ट गतिविधियों में शामिल होने के आरोप लगाये गये थे. इसके बाद 31 अक्टूबर 2018 को उन्हें अस्थायी तौर पर निलंबित कर दिया गया गया था. जोएसा इससे पहले श्रीलंका ए टीम के गेंदबाजी कोच भी रह चुके हैं.