भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के काफिले पर हुए हमले के बाद पश्चिम बंगाल सरकार और केंद्र सरकार के बीच तल्खी बढ़ गई है। इस बीच मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस अध्यक्ष ममता बनर्जी ने राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के अध्यक्ष शरद पवार से भी रविवार को फोन पर बात की। यह जानकारी एनसीपी के वरिष्ठ नेता और महाराष्ट्र सरकार के मंत्री नवाब मलिक ने दी।

एनसीपी ने आरोप लगाया है कि बीजेपी पश्चिम बंगाल सरकार को अस्थिर करने के लिए केंद्र का इस्तेमाल कर रही है और एनसीपी अध्यक्ष शरद पवार तथा अन्य नेता भविष्य में विपक्ष को एकजुट करेंगे। मलिक ने कहा कि दिल्ली में विपक्षी दलों के नेता इस मुद्दे पर चर्चा करेंगे। उन्होंने कहा, ‘‘जरूरत पड़ी तो शरद पवार खुद कोलकाता जाएंगे।’’

बता दें कि पश्चिम बंगाल में हाल ही में बीजेपी अध्यक्ष जे पी नड्डा के काफिले पर हमले के बाद केंद्र ने कथित लापरवाही के मामले में तीन आईपीएस अधिकारियों को केंद्र में प्रतिनियुक्ति पर बुलाने के लिए पत्र लिखा था जिसके बाद केंद्र और राज्य सरकार के बीच गतिरोध गहरा गया है।

मलिक ने कहा, ‘‘बीजेपी जिस तरह पश्चिम बंगाल सरकार को अस्थिर करने के लिए केंद्र सरकार का इस्तेमाल कर रही है, वह बहुत गंभीर है। पश्चिम बंगाल सरकार की सहमति के बिना आईपीएस अधिकारियों को बुला लिया गया है, जो बहुत खतरनाक है। पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री ने पवार साहब से इस मुद्दे पर बात की है।’’

उन्होंने कहा कि राज्यों में चुनी हुई सरकारों को अस्थिर करने का बीजेपी का कार्यक्रम सही नहीं है और लोकतंत्र के अनुरूप नहीं है। मलिक ने कहा, ‘‘पवार साहब और अन्य नेता भविष्य में विपक्ष के सभी नेताओं को एकजुट करेंगे।’