बॉलीवुड एक्ट्रेस महिमा चौधरी ने एक्टिंग करियर की शुरुआत फिल्म ‘परदेस’ से की थी. फिल्म में उन्होंने शाहरुख खान के साथ स्क्रीन शेयर की थी और इसे सुभाष घई ने डायरेक्ट किया था. अपनी पहली ही फिल्म में महिमा ने जोरदार एंट्री की, साथ ही साथ उन्हें कई फिल्म फिल्में भी मिलनी शुरू हो गईं, लेकिन एक हादसे ने मानो सब कुछ रोक दिया.

महिमा ने उस हादसे को याद किया, लेकिन इस मुश्किल घड़ी में साथ देने के लिए अजय देवगन और काजोल का शुक्रिया अदा भी किया. टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक, ‘मैं अपने शूट के लिए जा रही थी इसी दौरान दूध वाले ट्रक ने कार को टक्कर मार दी थी और पूरी कार टूट गई थी. मेरे शरीर को कोई हड्डी नहीं टूटी लेकिन पूरा चेहरा खराब हो गया था.’

महिमा ने आगे बताया, ‘मुझे लगा मैं मर रही हूं और उस समय मेरी मदद करने कोई अस्पताल नहीं आया. अस्पताल पहुंचने के काफी समय बाद मेरी मां आई, मेरी मां के बाद अजय देवगन आए और उन्होंने इस बारे में जानकारी ली. मैंने खड़े होकर जब अपना चेहरा शीशे में देखा तो डर गई क्योंकि ये बेहद डरावना लग रहा था. जब मेरे चेहरे की सर्जरी हुई तो शीशे के 67 पीस निकले थे.

जब अजय देवगन ने लिया महिमा चौधरी के इलाज का जिम्मा

एक्ट्रेस ने कहा, ‘उस समय पाइपलाइन में बहुत सारी फिल्में थीं और ये मुझे करनी थी. मैं लोगों को नहीं बताना चाहती थी क्योंकि उस समय लोग उतने मददगार नहीं थे. अगर उस समय मैं इस पर चर्चा करती और ये बताती तो पक्का ये बात होती कि किसी और एक्ट्रेस को साइन कर लेते हैं.’

महिमा ने कहा कि जब मैंने अपना जीवन दोबारा शुरू करने का निर्णय लिया तो मैं पूरी तरह टूट चुकी थी. काजोल और अजय की तारीफ करते हुए उन्होंने कहा कि दोनों ने इस बात का फैसला लिया कि किसी को इंडस्ट्री में इस बारे में पता नहीं चलना चाहिए क्योंकि ये मेरा करियर तबाह कर सकता है. वह कमाल के प्रोड्यूसर हैं और उन्होंने मेरे लिए अच्छा डॉक्टर भी भेजा था.’

महिमा ने बोलीं, ‘अजय देवगन ने तो मुझे कहा था कि आपका इलाज बैंग्लोर में नहीं हो रहा है. मैं आपको मुंबई लेकर जा रहा हूं, जहां आपको अच्छा इलाज मिलेगा.’