क्या टीम इंडिया के स्पिनर कुलदीप यादव और युजवेंद्र चहल का जादू खत्म हो चुका है..? क्या बल्लेबाज उनकी गेंदों को समझ गए हैं या फिर विकेट के पीछे महेंद्र सिंह धोनी जैसे क्रिकेट लीजेंड का नहीं होना है..?

क्या टीम इंडिया के स्पिनर कुलदीप यादव और युजवेंद्र चहल का जादू खत्म हो चुका है..? क्या बल्लेबाज उनकी गेंदों को समझ गए हैं या फिर विकेट के पीछे महेंद्र सिंह धोनी जैसे क्रिकेट लीजेंड का नहीं होना है..? ये सवाल हम इस वजह से पूछ रहे हैं क्योंकि टीम इंडिया के ये दोनों युवा गेंदबाज बुरे दौर से गुजर रहे हैं. इंग्लैंड के खिलाफ टी20 सीरीज में युजवेंद्र चहल फ्लॉप रहे थे, जिसके बाद उन्हें वनडे सीरीज में अब तक मौका नहीं मिला. वहीं, कुलदीप यादव के लिए तो दूसरा वनडे किसी बुरे सपने की तरह था.

चहल और कुलदीप के नाकाम रहने से टीम इंडिया का स्पिन अटैक कमजोर हो गया है. टीम देखे भी तो किसकी तरफ. रवींद्र जडेजा चोट से उबर रहे हैं, तो वहीं अनुभवी आर अश्विन का लिमिटेड ओवर फॉर्मेट में खेलना तय नहीं है. वह बीते कई वर्षों से टीम इंडिया की नीली जर्सी में नहीं खेले हैं.

इंग्लैंड के खिलाफ टी20 सीरीज के तीन मैचों में फ्लॉप रहने के बाद राहुल चाहर को आखिरी के दो मैचों में मौका दिया गया था, लेकिन वह भी प्रभाव नहीं छोड़ सके. कप्तान कोहली को वनडे सीरीज में एक बार फिर कुलदीप यादव की ओर देखना पड़ा. कुलदीप सीरीज के दोनों मैचों में महंगे साबित हुए.

कुलदीप और चहल जब अपने करियर के शुरुआती दौर में थे तो इन्हें वनडे में सबसे घातक स्पिन जोड़ी माना जाता था. दोनों को विकेट के पीछे से महेंद्र सिंह धोनी का भी खूब साथ मिलता था. धोनी दोनों स्पिनरों को बताते रहते थे कि कहां गेंद डालनी है. बल्लेबाज कौन सा शॉट मारने की कोशिश करेगा. धोनी संन्यास ले चुके हैं और इसका सबसे ज्यादा नुकसान कुलदीप और चहल को हुआ. धोनी के रिटायरमेंट के बाद से कुलदीप और चहल के प्रदर्शन में गिरावट आई है और आंकड़े ये बयां भी कर रहे हैं.

कुलदीप ने धोनी के टीम में रहते 47 मैच खेले. इस दौरान उन्होंने 91 विकेट लिए और उनका एवरेज 22.53 का रहा. वहीं, उनकी इकॉनमी 4.87 की रही. कुलदीप का स्ट्राइक रेट भी शानदार रहा. उन्होंने करीब हर 28 गेंद पर विकेट लिया. वहीं, धोनी के बिना उन्होंने 16 मैच खेले और 14 विकेट लिये. इस दौरान उनका एवरेज 59.6 का रहा और इकॉनमी 6.22 की रही. इन आंकड़ों से साफ है कि धोनी का विकेट के पीछे से टिप्स मिलते रहना कुलदीप के लिए कितना फायदेमंद था.

धोनी-कुलदीप के रहते क्या रहे मैचों के नतीजे

महेंद्र सिंह धोनी और कुलदीप यादव के रहते टीम इंडिया को 34 वनडे मैचों में जीत मिली और 10 में हार का सामना करना पड़ा. वहीं, 2 मैच टाई रहे और एक का नतीजा नहीं निकला. ये आंकड़े 23 जून 2017 से 6 जुलाई 2019 तक के हैं.

कैसा रहा चहल का प्रदर्शन

युजवेंद्र चहल की बात करें तो उन्होंने धोनी के टीम में रहते 46 मैच खेले और 81 विकेट लिए. उनका एवरेज 25.32 का रहा और इकॉनमी 4.95 की रही. वहीं, चहल का स्ट्राइक रेट 30.7 का रहा. यानी करीब हर 31 गेंद पर उन्होंने विकेट लिया. धोनी के बिना चहल ने 8 वनडे मैच खेले और 11 विकेट लिये. उनका एवरेज 41.82 का रहा और स्ट्राइक रेट 36.9 रहा. उनकी इकॉनमी 6.80 रही.

धोनी ने अगस्त 2020 में लिया संन्यास

भारत के सबसे सफल कप्तानों में शुमार महेंद्र सिंह धोनी ने 15 अगस्त, 2020 को इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास का ऐलान किया. धोनी की कप्तानी में टीम इंडिया ने टी20 वर्ल्ड कप और 50 ओवर वर्ल्ड कप पर कब्जा किया. उनकी कप्तानी में टीम इंडिया ने 2013 में आईसीसी चैम्पियंस ट्रॉफी भी जीती. धोनी का वनडे करियर 350 मैचों का रहा. उन्होंने 50.57 की औसत से 10,773 रन बनाए. धोनी के नाम वनडे में 10 शतक भी है.