देश में एक बार कोरोना का खतरा बढ़ रहा है, इस खतरे से सबसे ज्यादा प्रभावित महाराष्ट्र है. इसी खतरे के देखते हुए महाराष्ट्र सरकार ने रविवार को नए नियमों का एलान किया और इसे सख्ती के साथ पालन करवाने की भी बात कही. महाराष्ट्र सरकार ने जो नए नियम जारी किए हैं उनमें वीकेंड (शनिवार-रविवार) को पूरी तरह सख्त लॉकडाउन लगाने की बात रही गयी है. लेकिन अब इस फैसले को लेकर केंद्र सरकार की ओर नाकाफी बताया गया है.

अंग्रेजी अखबार इंडियन एक्सप्रेस में छपी खबर के मुताबिक केंद्र सरकार ने महाराष्ट्र सरकार से कहा है कि वीकेंड पर लगने वाला लॉकडाउन कोरोना वायरस की चेन तो तोड़ने में सफल नहीं है. केंद्र में मौजूद एक वरिष्ठ अधिकारी के हवाले से अखबार लिखा है कि दो दिन पर कोरोना पर स्थिति की समीक्षा के लिए मुख्य सचिव ने राज्यों के साथ बैठक की थी.

महाराष्ट्र के मुख्य सचिव को इस बैठक में बोलने के लिए पर्याप्त समय दिया गया था. लेकिन उन्होंने इस बैठक में वीकेंड लॉकडाउन की कोई चर्चा नहीं की थी. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने महाराष्ट्र से यह बात पहले ही साफ कर दी थी वीकेंड लॉकडाउन का कोई खास प्रभाव नहीं होता है.

15 मार्च को जिस दिन महाराष्ट्र में 16,620 नए कोरोना सामने आए थे उस दिन केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने महाराष्ट्र के मुख्य सचिव सीताराम कुंटे को चिट्ठी लिखी थी. इस चिट्ठी में राजेश भूषण ने कहा था कि सख्त और असरदार कंटेनमेंट जोन बनाने पर जोर देना चाहिए ना कि लॉकडाउन पर. भूषण ने अपनी चिट्ठी में लिखा था, ”नाइट कर्फ्यू, वीकेंड लॉकडाउन ट्रांसमिशन को रोकने में बेहद कमजोर कदम साबित होते हैं. इसलिए जिला प्रशासन को सख्त और असरदार कंटेनमेंट जोन की रणनीति पर काम करना चाहिए.”

बता दें कि देश में कोरोना के नए मरीजों के आंकड़े में करीब 50% नए केस महाराष्ट्र से ही सामने आ रहे हैं. गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कोविड की वर्तमान स्थिति की समीक्षा के लिए मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक करेंगे. इससे पहले रविवार को प्रधानमंत्री ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की थी. इसी मीटिंग में पंजाब, महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ में जन स्वास्थ्य विशेषज्ञों तथा चिकित्सकों की टीम भेजने का फैसला हुआ.