देश के तमाम राज्यों की तरह हरियाणा राज्य में भी कोरोना संक्रमण की रफ्तार लगातार बढ़ रही है. हर दिन रिकॉर्ड मामले दर्ज किए जा रहे हैं. मौजूदा हालात को देखते हुए हरियाणा के स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने मंगलवार को कहा कि वे मेडिकल कॉलेजों के 1,200 एमबीबीएस और पोस्टग्रेजुएट स्टूडेंट्स को कोरोना वायरस रोगियों की देखभाल के लिए ड्यूटी पर रखेंगे.

MBBS और पीजी स्टूडेंट  कोविड मरीजों के लिए ड्यूटी पर रखे जाएंगे

उन्होंने कहा कि कोरोना संक्रमित मरीजों के लिए अस्पतालों में अतिरिक्त बेड तैयार किए जा रहे हैं. वहीं इस दौरान उन्होंने एक ऑक्सीजन टैंकर को पंजाब जाने से रोके जाने के आरोप को सिरे से खारिज कर दिया. वहीं उन्होंने पानीपत अस्पताल में भर्ती कई रोगियों के रिश्तेदारों द्वारा मेडिकल आक्सीजन की कमी के दावे पर जवाब देते हुए आश्वासन दिया कि राज्य में मेडिकल ऑक्सीजन की कोई कमी नहीं है, विज ने कहा, ‘हम COVID मरीजों के लिए लगभग 1200-1300 MBBS और PG छात्रों को ड्यूटी पर रख रहे हैं.’

वहीं जब विज से गुड़गांव और फरीदाबाद में अस्पतालों में बेड  की कमी को लेकर बात की गई तो उन्होंने कहा कि दोनों जिले दिल्ली से सटे हुए हैं, वहां मरीजों की भारी भीड़ देखी जा रही है, लेकिन अतिरिक्त बेड की व्यवस्था की जा रही है.

गुड़गांव और फरीदाबाद के अस्पतालों में दिल्ली के मरीज भर्ती

उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य अधिकारियों द्वारा हाल ही में किए गए सर्वेक्षण के अनुसार, गुड़गांव और फरीदाबाद में लगभग 70 प्रतिशत मरीज दिल्ली से हैं. विज ने कहा कि राष्ट्रीय राजधानी और आसपास के इलाकों के मरीज रोहतक, करनाल और अंबाला के अस्पतालों में भर्ती हो रहे हैं. उन्होंने कहा, “लेकिन हम यहां आने वाले सभी लोगों का इलाज करेंगे. हमने डिप्टी कमिश्नरों से कहा है कि वे गुड़गांव जिले में अतिरिक्त बेड क्षमता बनाएं.”