करीब दो साल पंजाब की जेल में बिताने के बाद बहुजन समाज पार्टी के विधायक और गैंगस्टर मुख्तार अंसारी को उत्तर प्रदेश पुलिस आज कड़ी सुरक्षा के बीच बुंदेलखंड की बांदा जेल लेकर पहुंची. पंजाब की रोपड़ जेल से अंसारी को लेकर आ रहे सुरक्षाकर्मियों ने 900 किलोमीटर लंबी यात्रा पूरी की. फिलहाल माफिया डॉन मुख्तार अंसारी को जेल की बैरक नंबर 16 में रखा गया है. एबीपी न्यूज़ से खास बातचीत में जेलर पीके त्रिपाठी ने बताया है कि जेल में अंदर मुख्तार ने क्या कहा और उसे कैसे रखा गया है.

समान्य कैदियों की तरह ही रहेगा मुख्तार

बांदा जेल के जेलर पीके त्रिपाठी ने एबीपी न्यूज़ को बताया, ‘’जेल के अंदर दाखिल होने के तुरंत बाद मेडिकल टीम ने मुख्तार असांरी की जांच की. इसके बाद उसे पांच बजे बैरक में शिफ्ट किया गया. इसके बाद मुख्तार अंसारी ने कहा कि वह नहा धोकर सोना चाहता है, क्योंकि वह यात्रा से काफी थक गया है.’’ उन्होंने बताया, ‘’हमने मुख्तार के लिए समान्य कैदियों की तरह ही व्यवस्था की है.’’

जेलर पीके त्रिपाठी ने आगे कहा, ‘’फिलहाल कोरोना वायरस की वजह से मुख्तार के परिजनों को उनसे मिलने नहीं दिया जाएगा. हालांकि मुख्तार की ओर से भी किसी तरह की कोई मांग नहीं की गई है.’’ उन्होंने कहा, ‘’सुबह करीब 10 बजे मुख्तार की आरटीपीसीआर जांच की जाएगी.’’ मुख्तार को जिस बैरक में रखा गया है, उसने तन्हाई बैरक करहते हैं. बैरक के आसपास सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं.

विशेष अदालत ने मुख्तार को किया तलब

बता दें कि लखनऊ में एमपी एमएलए (सांसद-विधायक) की विशेष अदालत ने 12 अप्रैल को अभियुक्त मुख्तार अंसारी को साल 2000 में कारापाल और उप कारापाल पर हमला करने, जेल में पथराव तथा जानमाल की धमकी देने के मामले में आरोप तय करने के लिए व्यक्तिगत रूप से तलब किया है.

मुख्तार अंसारी की जेल में वापसी को लेकर सुरक्षा के इंतजाम पूरे कर लिए गए हैं. जेल के बाहर और भीतर सुरक्षाकर्मी तैनात कर दिए हैं. जेल की बैरक संख्या-16 में रोशनी, पानी की व्यवस्था और साफ सफाई पहले की दुरुस्त की जा चुकी है. बैरक संख्या-16 में अन्य कैदियों की आवाजाही पर रोक लगा दी गयी है और बैरक के अंदर भी तीन सुरक्षाकर्मी तैनात रहेंगे. अंसारी की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए शहर के होटलों और मकानों के किरायेदारों की भी छानबीन की जा रही है.

सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर बांदा जेल आया मुख्तार

गौरतलब है कि अंसारी को लाने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार और पंजाब सरकार के बीच सुप्रीम कोर्ट में मुकदमा चला. सुप्रीम कोर्ट के 26 मार्च के एक आदेश पर कार्रवाई करते हुए उत्तर प्रदेश पुलिस ने 57 साल के अंसारी को रूपनगर जेल से वापस बांदा जेल में लाने के लिए अपनी हिरासत में ले लिया था. उत्तर प्रदेश पुलिस ने एंबुलेंस, दंगा रोधी वाहन और भारी सुरक्षा बल के साथ अंसारी को लेकर रोपड़ जेल से बांदा लाने तक करीब 14 घंटे का सफर पूरा किया.

उत्तर प्रदेश और अन्‍य राज्‍यों में अंसारी के खिलाफ 52 मामले दर्ज हैं और इनमें 15 में तफ्तीश चल रही है. अंसारी पर पूर्वांचल में कई जघन्य आपराधिक घटनाओं को अंजाम देने और कई पुलिसकर्मियों की हत्या करने का भी आरोप है. अंसारी ने प्रदेश के कुख्यात अपराधियों और शूटरों का एक गिरोह बनाया और सीमावर्ती राज्य बिहार के शहाबुद्दीन गिरोह से भी संपर्क बनाकर रखा. उत्तर प्रदेश सरकार ने अंसारी गिरोह के गुर्गों और उसे शरण देने वालों पर आर्थिक कार्रवाई की और उसके सहयोगियों की करीब 192 करोड़ की संपत्ति जब्त एवं नष्ट की.