चंदौली (उत्तर प्रदेश): चंदौली में 3 दिन से लापता एक युवक का शव उसी के गांव में मिलने से सनसनी फैल गई। पुलिस जांच में सामने आया कि सिगरेट लाने के विवाद को लेकर दो दोस्तों ने अपने दोस्त की निर्मम हत्या कर दी और शव को अपने घर के अंदर ही जमीन में गाढ़ दिया। सर्विलांस के जरिए पुलिस ने मृतक की मोबाइल की लोकेशन ट्रेस की थी, उसी से इस मामले में यह खुलासा हुआ। पुलिस ने दोनों आरोपियों अमित और कन्हैया को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। ये दोनों ममेरे भाई हैं।

दरअसल, सदर कोतवाली क्षेत्र के बिछिया कला गांव निवासी नंदलाल जायसवाल का 20 वर्षीय पुत्र सिद्धार्थ पिछले 2 दिनों से लापता था। गुरुवार को परिजन सदर कोतवाली पहुंचे और पुलिस को जानकारी दी कि उनके लापता बेटे के मोबाइल से 20 लाख रुपए अपहरणकर्ताओं द्वारा फिरौती मांगी गई है। इस पर पुलिस हरकत में आई और मामले की तह तक जाने में जुट गई। इस दौरान सर्विलांस से खुलासा हुआ कि मृतक सिद्धार्थ का आखिरी लोकेशन दो दिन पहले बिछिया गांव में था।

पुलिस ने मृतक के दोस्तों से पूछताछ शुरू कर दी। इस दौरान बिछिया गांव के ही दो ममेरे भाई अमित और कन्हैया, जो मृतक सिद्धार्थ के दोस्त हैं, उनसे पुलिस ने पूछताछ की। बिछिया गावं में ही मृतक के सामने अमित का घर भी है। पुलिस की पूछताछ में अमित टूट गया और पूरी कहानी पुलिस को बयान कर दी। जिस पर पुलिस ने दोनों आरोपियों की निशानदेही से उनके घर से जमीन में गढ़ा सिद्धार्थ का शव बरामद कर लिया।

मृतक सिद्धार्थ के पिता की बिछिया गावं में ही एक छोटे से किराने की दुकान है और आरोपी मृतक के घर के सामने ही रहते हैं। पुलिस अधीक्षक ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि 2 दिन पूर्व तीनों गांव में ही थी। आरोपियों के घर इकट्ठे हुए थे और शराब पीने के दौरान दोनों आरोपियों ने मृतक सिद्धार्थ से सिगरेट लाने के बात कहीं और इसी पर विवाद हो गया। विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों ममेरे भाइयों अमित और कन्हैया ने सिद्धार्थ के साथ मारपीट की और उसकी चाकू मारकर हत्या कर दी।

उन्होंने बताया कि सिद्धार्थ ने हाथापाई के दौरान अमित के सीने पर काटा भी और आरोपी अमित तथा कन्हैया को हाथापाई में चोट भी आई थी। इसीलिए पुलिस की पूछताछ में वह आसानी से टूट गए। हत्या के बाद सिद्धार्थ के शव को दोनों आरोपियों ने घर में ही जमीन में दफना दिया था। मामले को अपहरण का मोड़ देने के लिए दोनों आरोपियों ने सिद्धार्थ के मोबाइल से परिजनों को हत्या के अगले दिन फोन कर 20 लाख रुपये की फिरौती मांगी।

पुलिस अधीक्षक ने बताया कि आरोपी अमित बीटीसी का छात्र है और उसके पिता प्रतापगढ़ में कनिष्ठ लिपिक के पद पर तैनात हैं। यही नहीं अमित पिछले कुछ समय से ऑनलाइन फ्रॉड भी कर रहा था। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है और उनकी निशानदेही पर मृतक का शव बरामद कर पोस्टमॉर्टम के लिए जिला चिकित्सालय भेज दिया है।