मोदी सरकार के नए कृषि कानून को लेकर किसान आंदोलन 19 वे दिन में प्रवेश कर चुका है। एक तरफ सरकार कानून में संशोधन को लेकर समझाने में लगी हुई है, दूसरी तरफ किसान अपनी मांगो को लेकर अड़े हुए हैं। इसी बीच किसानो के अलग-अलग संगठनो के बीच आपस में बिगड़ती नज़र आ रही है। राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन (RKMS) के संयोजक वीएम सिंह (Sardar VM Singh) ने कहा की ‘बाकी संगठन सरकार से बात करें या ना करें. हम बातचीत के लिए तैयार हैं। क्योंकि आंदोलन अब अपने लक्ष्यों से भटक रही है। बाकी चीज़े बातचीत के दौरान में देखली जाएँगी।’ वहीं, बाकी संगठनों ने वीएम सिंह के बयान की निंदा करते हुए बयान से खुद को अलग कर लिया है। अन्य किसान संगठनो का कहना है की वह आंदोलन जारी रखेंगे।

ऑल इंडिया किसान संघर्ष कमेटी (AIKSCC) का कहना है, ‘कमेटी वीएम सिंह के बयान का समर्थन नहीं करती है. सिंह का बयान कार्य समिति के मानकों का पालन नहीं करता है. कमेटी की कार्य समिति अभी भी अपने इस फैसले पर कायम है कि 3 कृषि कानून वापस लिए बिना और एमएसपी की गारंटी के ऐलान के बिना सरकार से बातचीत नहीं की जाएगी. यह तीनों कानून विचारणीय हैं ही नहीं।’

वहीं, ऑल इंडिया किसान संघर्ष कमेटी के प्रमुख सदस्य योगेंद्र यादव ने कहा कि इस किसान आंदोलन में किसानों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है। बिना कानून वापस लिए सरकार के साथ बातचीत की कोशिश इस ऐतिहासिक आंदोलन के साथ धोखा देने जैसी होगी. कमेटी देश के सभी किसानों से अपील करती है कि सभी किसान और किसान नेता एकजुट होकर इस आंदोलन का साथ दें। किसान विरोधी सरकार की आंदोलन को बांटने और कमजोर करने की कोशिश का शिकार ना बनें।