कृषि कानून के खिलाफ चल रहे किसान आंदोलन को लगभग 1 महीने से ज़्यादा हो चुका है। अब तक सरकार भी अपने फैसलों पर डटी हुई है तोह वही किसान भी अपनी मांगो को लेकर इतनी ठण्ड में दिल्ली की सीमाओं पर डटे हुए हैं। इस सब के चलते एक शख्स जो एक वकील थे उन्होंने ज़हरीला पदार्थ खा कर आत्महत्या करली है। वकील की हालत बहुत गंभीर होने के कारण उनको पीजीआई हॉस्पिटल रोहतक भेज दिया गया, जहा उन्होंने अपना दम तोड़ दिया।

वकील का नाम अमरजीत सिंह था। वह फाजिल्का जिले की जलालाबाद बार एसोसिएशन के सदस्य थे। पूछ ताछ करने पर पता चला की वकील अमरजीत सिंह ने टिकरी बॉर्डर से करीब 6 किलोमीटर दूर पकोड़ा चौक के पास ज़हरीला पदार्थ निगल लिया था। अमरजीत सिंह ने आत्महत्या करने से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक लेटर लिखा जिसमे लिखा था की तीनो नए कृषि कानून किसान विरोधी हैं। उन्होंने यह भी लिखा की किसान आंदोलन के समर्थन में यह बलिदान दे रहा हु।

वकील अमरजीत सिंह ने अपने पत्र में यह लिखा की प्रधानमंत्री इस देश के नहीं रहे और वह कुछ लोगो के ही हो के रह गए हैं। तीनो कृषि बिल किसान,मजदुर और आम आदमी की जान का दुश्मन बन जायेगा और इनका जीवन तबाह होजायेगा। किसान, मजदुर और आम आदमी की रोज़ी रोटी छीन रही है यह मोदी सरकार।

पता चला है की पीड़ित वकील अमरजीत सिंह पहले से ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए पत्र टाइप कर के लेकर आये थे। टाइप्ड पत्र में हाथ से लिखा न्यायपालिका भी जनता का विश्वास खो चुकी है। पुलिस प्रशासन अभी इस मामले की जांच पड़ताल कर रही है।