केंद्र सरकार द्वारा लाये गये कृषि बिल से पूरा दिल्ली शहर हलकान है . किसान दिल्ली से सट्टे सभी बॉर्डर पर अपनी डेरा जमाये हुए है .भीड़ भाड़ को देखते हुए दिल्ली ट्रफ़फ़िके पुलिस कई रुट्स बदल दी है तो कई रास्तों को बंद कर दिया है .किसान हटने को तैयार नहीं सड़क से केंद्र भी उनकी बात मानने को राज़ी नहीं हो रही .

यदि आप दिल्ली आना चाहते हो किसी भी रुट्स से से पहले जान ले ट्राफिक पुलिस द्वारा बनाये गए पुरे नियम को अन्यथा किसी रास्तें में आप फंस भी सकते है और परेशानी का सामना करना पद सकता है .दिल्ली-नोएडा लिंक रोड को भी ट्रैफिक के लिए बंद किया गया है. लोगों को दिल्ली आने के लिए लिंक रोड के बजाये डीएनडी का इस्तेमाल करने की सलाह दी गई है. किसान आंदोलन को देखते हुए कई रास्तों को बंद करने की वजह से लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने आम लोगों के लिए ट्रैफिक एडवाइजरी जारी की है.

ट्रैफिक पुलिस ने ट्वीट कर कहा की -गाजियाबाद से दिल्ली के लिए NH-24 पर गाजीपुर बॉर्डर को भी किसान आंदोलन के चलते बंद किया गया है. लोगों को दिल्ली आने के लिए एनएच 24 का इस्तेमाल नहीं करने की सलाह दी गई है. दिल्ली आने के लिए अप्सरा, भोपरा और डीएनडी का उपयोग करने के लिए कहा गया है.”

किसान आंदोलन के कारण सिंघु औचंदी, लांपुर, पियाओ मनियारी बॉर्डर आज भी बंद हैं. NH-44 भी दोनों तरफ से बंद है. दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने लोगों को साफियाबाद, सबोली, NH-8, भोपुरा बॉर्डर, अप्सरा बॉर्डर या पेरिफेरल एक्सप्रेसवे का इस्तेमाल करने की सलाह दी.

दिल्ली और हरियाणा के बीच ढांसा, दौराला, कापसहेड़ा, रजोकरी एनएच-8, बिजवासन/ बजघेड़ा, पालम विहार और डूंडाहेड़ा बॉर्डर खुले हैं. दिल्ली यातायात पुलिस ने ट्वीट किया, ‘‘बडोसराय बॉर्डर केवल कार और दो-पहिया जैसे हल्के वाहनों के लिए खुला है. झटीकरा बॉर्डर केवल दो-पहिया वाहनों के लिए खुला है

पुलिस ने NH 44 से पर जाने से बचने को कहा है और साफ़ हिदायत दी की किसान आंदोलन के रास्तें न आये और भीड़ – भाड़ वाली जगह जाने से बचे .