• फ्रांस ने 1998 और 2018 में वर्ल्ड कप जीता था, जबकि जर्मनी 2014 में वर्ल्ड चैम्पियन बना
  • चैम्पियंस लीग के इस सीजन में फ्रांस के 2 क्लब लियोन और पीएसजी सेमीफाइनल खेले थे
  • जर्मनी के बायर्न म्यूनिख और आरबी लिपजिग ने भी चैम्पियंस लीग के इस सीजन में आखिरी चार में जगह बनाई थी
  • बीते दो दशक से फ्रांस और जर्मनी फुटबॉल की दुनिया पर राज कर रहे हैं। वर्ल्ड कप से लेकर क्लब फुटबॉल तक इन दो देशों का ही डंका बज रहा है। पिछले 20 साल में हुए 6 वर्ल्ड कप में से 3 यानी आधे फ्रांस और जर्मनी ने ही जीते हैं। वहीं, यूईएफए चैम्पियंस लीग के इस सीजन में भी इन्हीं दो देशों की 4 टीमों ने सेमीफाइनल खेला।

    इसमें जर्मनी के दो क्लब बायर्न म्यूनिख, आरबी लिपजिग और फ्रांस के पीएसजी और लियोन शामिल थे। इस बार फाइनल में बायर्न ने पीएसजी को 1-0 से हराकर छठी बार खिताब भी जीता।

    वर्ल्ड फुटबॉल में इन दो देशों की तूती बोलती है। इसका अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि 2018 में हुआ पिछला फुटबॉल वर्ल्ड कप फ्रांस ने ही जीता। रूस में हुए इस वर्ल्ड कप के फाइनल में फ्रांस ने क्रोएशिया को 4-2 से हराया था। इससे पहले, 1998 में भी ब्राजील को 3-0 से शिकस्त देकर फ्रांस वर्ल्ड चैम्पियन बना था। जर्मनी ने 2014 में अर्जेंटीना को 1-0 से हराकर वर्ल्ड कप जीता था। बाकी तीन मौकों पर ब्राजील (2002), इटली (2006) और स्पेन (2010) वर्ल्ड चैम्पियन बने थे।

    लिपजिग टीम 11 साल पहले ही बनी
    इस बार जर्मन क्लब लिपजिग पहली बार और फ्रेंच क्लब लियोन दूसरी बार चैम्पियंस लीग के सेमीफाइनल में पहुंचा था। लिपजिग टीम 11 साल पहले ही बनी है। वह लीग के इतिहास में अंतिम चार में पहुंचने वाली 75वीं टीम थी। इनके अलावा बायर्न म्यूनिख 12वीं बार, जबकि पीएसजी 1994-95 के बाद लीग के सेमीफाइनल में पहुंचीं थी।

  • लियोन और लिपजिग ने चौंकाया
    चैम्पियंस लीग के इस सीजन में आरबी लिपजिग और लियोन जैसी अंडरडॉग टीमों ने सबको चौंकाया। खासतौर पर 11 साल पहले बना जर्मन क्लब लिपजिग पहली बार चैम्पियंस लीग के सेमीफाइनल में पहुंचा। उसने क्वार्टर फाइनल में एटलेटिको मैड्रिड जैसे बड़े क्लब को हराया। एटलेटिको 2014 और 2016 में चैम्पियंस लीग का रनर अप रह चुका है।

    6 साल में पहली बार इंग्लिश टीम फाइनल नहीं खेल रही
    6 साल में यह पहला मौका था, जब चैम्पियंस और यूरोपा लीग के फाइनल में इंग्लैंड का कोई क्लब नहीं पहुंचा। पिछले सीजन में दोनों लीग के खिताबी मुकाबले चार इंग्लिश क्लब के बीच ही हुए थे। तब चैम्पियंस लीग के फाइनल में लिवरपूल ने टॉटनहैम को हराया था। वहीं, यूरोपा लीग में चेल्सी ने आर्सेनल को मात दी थी। यह चारों क्लब इंग्लिश प्रीमियर लीग के हैं।

    पहली बार सबसे ज्यादा खिताब जीतने वाले टॉप-3 क्लब फाइनल नहीं खेले
    चैम्पियंस लीग के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ, जब सबसे ज्यादा खिताब जीतने वाले टॉप-3 क्लब फाइनल नहीं खेले। इसमें रियाल मैड्रिड (13), एसी मिलान (7) और लिवरपूल (6) शामिल हैं। यह तीनों क्लब इस सीजन में क्वार्टर फाइनल में भी नहीं पहुंचे थे। पांच खिताब जीतने वाला जर्मन क्लब बायर्न म्यूनिख ही सिर्फ इस सीजन में फाइनल खेला और चैम्पियन भी बना। 65 साल बाद इटेलियन फुटबॉल लीग सीरी-ए, प्रीमियर लीग और स्पेनिश फुटबॉल ला लिगा का एक भी क्लब आखिरी चार में नहीं पहुंचा था।