1.) कनेरिया का दर्द:स्पॉट फिक्सिंग मामले में आजीवन प्रतिबंध झेल रहे कनेरिया ने कहा- पाकिस्तानी क्रिकेट बोर्ड ने मुझे हमेशा दरकिनार किया, बाकी खिलाड़ियों से बर्ताव अच्छा
दानिश कनेरिया पर 2012 में इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड ने स्पॉट फिक्सिंग में शामिल होने पर आजीवन प्रतिबंध लगाया था। -फाइल फोटो
  • दानिश कनेरिया ने कहा- लोग मुझ पर धर्म का कार्ड खेलने का आरोप लगाते हैं, लेकिन मैंने कभी ऐसा नहीं किया
  • उन्होंने उमर अकमल के निलंबन की सजा को कम करने के पीसीबी के फैसले की भी आलोचना की

स्पॉट फिक्सिंग मामले में आजीवन प्रतिबंध झेल रहे पाकिस्तानी क्रिकेटर दानिश कनेरिया ने एक बार फिर पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) पर पक्षपात करने का आरोप लगाया। दानिश ने भारत के एक न्यूज चैनल से बातचीत में कहा कि मेरी लड़ाई पीसीबी के डबल स्टैंडर्ड के खिलाफ है।

पीसीबी का बाकी खिलाड़ियों के साथ बर्ताव अच्छा है, लेकिन जब मेरी बात आती है, तो क्रिकेट बोर्ड ने हमेशा मुझे दरकिनार किया है। मुझे इसका बहुत अफसोस है।

मैंने कभी धार्मिक कार्ड नहीं खेला: कनेरिया

उन्होंने आगे कहा कि पाकिस्तान के लिए क्रिकेट खेलना मेरे लिए गर्व की बात है। अपने देश के लिए खेलना, हिंदू क्रिकेटर होना और टीम के लिए मैच जीतना मेरे लिए किसी बड़ी उपलब्धि से कम नहीं। लोग मुझ पर धर्म का कार्ड खेलने का आरोप लगाते हैं, लेकिन मैंने कभी ऐसा नहीं किया।

अकमल की सजा कम करने पर भी नाराजगी जताई

कनेरिया ने क्रिकेट में करप्शन की जानकारी नहीं देने के बावजूद उमर अकमल के निलंबन की सजा को कम करने के पीसीबी के फैसले की भी आलोचना की। उन्होंने कहा कि बोर्ड करप्शन के खिलाफ जीरो टॉलरेंस पॉलिसी की बात करता है। अकमल दोषी पाया गया था, फिर भी उस पर लगे बैन की सजा को आधा कर दिया।

‘मेरे साथ बोर्ड ने हमेशा नाइंसाफी की’

उन्होंने कहा कि बोर्ड ने अकमल को रियायत दी। मोहम्मद आमिर, मोहम्मद आसिफ और सलमान बट्ट इंग्लैंड में फिक्सिंग के दोषी पाए गए थे, फिर भी उन्हें वापस आने की इजाजत दी गई, तो फिर मुझे क्यों छोड़ दिया? मेरे मामले में उन्होंने क्यों नहीं थोड़ी नरमी दिखाई? वे कहते हैं कि मैं अपने धर्म के बारे में बात करता हूं, लेकिन जब मुझे अपने साथ भेदभाव साफ नजर आए, तो फिर मैं क्या बोलूं।

क्रिकेट में वापसी की लड़ाई लड़ रहे कनेरिया

दानिश पिछले कुछ महीनों से अपने क्रिकेट करियर को लेकर दिए बयानों के कारण सुर्खियों में बने हुए हैं। उन पर 2012 में स्पॉट फिक्सिंग में शामिल होने पर इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ईसीबी) ने आजीवन प्रतिबंध लगाया था और वे तब से ही इसे हटाने की लड़ाई लड़ रहे हैं।

वे पीसीबी पर पिछले कुछ महीनों से क्रिकेट नहीं खेलने देने का आरोप लगा रहे हैं। उनका यही कहना है कि समान आरोप के बावजूद उन पर आजीवन बैन लगाया गया, जबकि कुछ क्रिकेटर्स को कम सजा दी गई।