देश में चल रहे किसान आंदोलन के बीच एमपी के ex CM कमल नाथ ने बीजेपी को निशाना बनाते हुए कहा की यह कानून ”किसानों के शोषण का कानून” करार दिया है। इसी के साथ कमल नाथ ने कहा की केंद्रीय सरकार हवा में चल रही है और इसी तरह चलती रही तोह देश को बर्बाद करदेगी यह बात इंदौर में बुधवार देर रात एक विवाह समारोह में हिस्सा लेने के दौरान कमलनाथ ने मीडियाकर्मियों से कही थी।

राहुल गांधी और NCP प्रमुख शरद पवार समेत पांच विपक्षी नेताओं ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से बुधवार को मीटिंग करि, इस मीटिंग में सबने बातचीत करके कहा की यह तीनो कृषि कानून को रद्द करदेना चाहिए। इस मीटिंग के बाद पूछे गए सवालो पर कमलनाथ ने कहा, “राष्ट्रपति की भूमिका सरकार को सलाह देने की होती है. अब फैसला सरकार को लेना है. सरकार को कृषि क्षेत्र की हकीकत समझनी चाहिए।”

पूर्व केंद्रीय मंत्री ने बयान दिया ,“हमारे देश की अर्थव्यवस्था कृषि आधारित है और जब तक इस क्षेत्र में आर्थिक मजबूती नहीं होगी, हमारी अर्थव्यवस्था नहीं सुधर सकती है.” कमलनाथ ने कहा, “आज हमारी सबसे बड़ी प्राथमिकता यह होनी चाहिए कि किसानों के साथ न्याय हो और उन्हें उनकी उपज का सही मूल्य मिले.”