जिले के देचू क्षेत्र के एक खेत में रविवार को मिले सभी 11 शवों की की मौत की गुत्थी अभी तक सुलझ नहीं पाई है। पुलिस अभी तक किसी ठोस नतीजे पर नहीं पहुंची है। इस बीच कोरोना जांच रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद उनके पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू की गई है। मेडिकल बोर्ड से पोस्ट मार्टम के बाद सभी शवों को जोधपुर में ही अंतिम संस्कार किया जाएगा। भील समाज व प्रशासन के सहयोग से अंतिम संस्कार किया जाएगा। मोर्चरी के बाहर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है।
एक ही परिवार के सभी 11 मृतकों के शव कल रात जोधपुर लाए गए थे। रात को ही उनके सैंपल लेकर जांच की गई। आज सुबह मिली जांच रिपोर्ट में सभी निगेटिव पाए गए। इसके बाद महात्मा गांधी अस्पताल की मोर्चरी में शवों के पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू हुई। मोर्चरी के बाहर बड़ी संख्या में पाक विस्थापित पहुंचे हुए है। जोधपुर ग्रामीण एसपी राहुल बारहठ व डीसीपी आलोक श्रीवास्तव सहित अन्य पुलिस अधिकारी भी मोर्चरी के बाहर डटे है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट से ही होगा मौत के कारणों का खुलासा
देचू क्षेत्र में 11 जनों की मौत का मामला पुलिस के लिए अबूझ पहेली बना हुआ है। मौके से पुलिस को कई अहम सुराग मिले है। पुलिस इन सभी सुराग की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है। पुलिस जांच पोस्टमार्टम रिपोर्ट के इंतजार पर अटकी हुई है। पोस्टमार्टम से खुलासा हो सकेगा कि इन सभी की मौत जहरीला इंजेक्शन लगाने से हुई या नहीं। वहीं इन्हें मारने से पहले इनके खाने में कोई नशीला पदार्थ मिला हुआ था या नहीं। इस सवालों का जवाब मिलने के बाद ही पुलिस किसी निष्कर्ष पर पहुंच पाएगी। अभी तक यहीं माना जा रहा है कि नर्सिंग का काम करने वाली बुधाराम की एक बेटी ने अपने परिजनों के खाने में नींद की गोलियां मिला दी। सभी को गहरी नींद आने के बाद उसने जहरीला इंजेक्शन लगा सभी को मौत की नींद सुला दिया। इसके बाद स्वय ने भी इंजेक्शन लगा आत्महत्या कर ली।