जम्मू-कश्मीर के कठुआ शहर के ऐतिहासिक मुखर्जी चौक को जल्द 110 फीट ऊंचे तिरंगे से नई पहचान मिलने जा रही है। अनुच्छेद 370 हटाने की पहली वर्षगांठ पर पांच अगस्त को तिरंगा लहराया जाएगा।

जिले में अपनी तरह का यह सबसे बड़ा ऐसा ढांचा होगा जिसपर 24 फीट लंबा और 15 फीट चौड़ा तिरंगा शान से लहराएगा। इसके लिए जगह का चयन कर लिया गया है। साल भर पहले मुखर्जी चौक पर डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की प्रतिमा लगाई गई थी।
पूर्व वन एवं पर्यावरण मंत्री राजीव जसरोटिया ने सोमवार को तैयारियों को लेकर साइट का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि इस भव्य तिरंगे को दिल्ली के कनॉट प्लेस और कारगिल वॉर मेमोरियल की तर्ज पर स्थापित किए जाने की तैयारी है।
मोटर ऑपरेटेड इस तिरंगे को पांच अगस्त तक स्थापित किया जाना है, जिसके लिए ढांचे पर काम शुरू कर दिया गया है। कोरोना संकट में अगर कोई दिक्कत आती है तो हर हाल में इसे स्वतंत्रता दिवस से पहले स्थापित कर लिया जाएगा।

जसरोटिया ने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने जिस सपने के लिए अपना बलिदान दिया, उसी की वर्षगांठ पर इसे स्थापित किया जाना तय किया गया है।

बीस लाख की लागत से होगा तैयार, टेंडरिंग प्रक्रिया पूरी
नगर परिषद के अध्यक्ष नरेश शर्मा ने बताया कि नगर परिषद कठुआ ने तिरंगा स्थापित करने के लिए टेंडरिंग प्रक्रिया पूरी कर ली है। दिल्ली की कंपनी को ये काम सौंपा गया है। तिरंगा स्थल का सौंदर्यीकरण करने के साथ ही रोटरी भी तैयार की जाएगी। यह जिले का एक ऐतिहासिक स्मारक होगा।