नेल्लोर[आंध्र प्रदेश] । भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने श्रीहरिकोटा से पी.एस.एल.वी.-सी 51(PSLV- C51) के जरिये एमेजोनिया-वन और 18 अन्‍य उपग्रहों को आज लांच किया। पीएसएलवी-सी51(PSLV-C51) रॉकेट द्वारा प्रक्षेपित किए जाने वाले ब्राजील के Amazonia-1 में Amazonia-1 प्राइमरी सैटेलाइट है और इसके साथ 18 अन्य सैटेलाइट्स भी हैं। अंतरिक्ष की दुनिया में इसरो हर दिन आगे बढ़ रहा है। एक तरफ जहां ये स्पेस मिशन भारत के लिए बेहद अहम रहा तो वहीं इस लांच की खास बात ये भी रही कि इसरो ने इस बार अपने PSLV- C51 रॉकेट के साथ पीएम नरेंद्र मोदी की तस्वीर और भगवद् गीताभी अंतरिक्ष में भेजी है।

इसरो ने अपने सतीश धवन सैटेलाइट के शीर्ष पैनल पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर उकेरी है। यह कदम पीएम की आत्मनिर्भर पहल और निजी कंपनियों के अंतरिक्ष की राह खोलने वाले निर्णय से एकजुटता दिखाने के लिए उठाया गया है। यह इतिहास में पहली बार होगा कि प्रधानमंत्रियों की तस्वीर को आत्मानिर्भर मिशन ’शब्दों के साथ शीर्ष पैनल पर अंतरिक्ष में ले जाया गया है। इस सैटेलाइट को इसरो के लिए स्पेस किड्ज इंडिया ने विकसित किया है। स्पेस किड्ज इंडिया इस सैटेलाइट के जरिए अंतरिक्ष में रेडिएशन पर रिसर्च करेगा।

क्यों भेजी गई भगवद् गीता?
इसके साथ भगवदगीता भी अंतरिक्ष में भेजी गई है। भागवत गीता को अंतरिक्ष में ले जाने का विचार स्पेस किड्ज इंडिया के सीईओ डॉ. श्रीमति केसन ने ही दिया है। उनके मुताबिक, दुनिया के अन्य अंतरिक्ष मिशन में भी अपनी पवित्र पुस्तकों जैसे- BIBLE को ले जाने का प्रचलन है। भारत में यह इतिहास बनाएगा क्योंकि ऐसा कुछ भी भारत में कभी नहीं हुआ है।

भारत की तरफ से लॉन्च किए गए विदेश सैटेलाइट की संख्या
साल 2021 में भारत का यह पहला अंतरिक्ष अभियान पीएसएलवी रॉकेट के लिए काफी लंबा होगा क्योंकि इसके उड़ान की समय सीमा 1 घंटा, 55 मिनट और 7 सेकेंड की है। अब भारत की तरफ से लांच किए गए विदेश सैटेलाइट की कुल संख्या 342 हो गई है।