किसानो की ट्रैक्टर रैली निकलनी तय है.जिस पर दिल्ली पुलिस की मुहर की भी लग चुकी है.किसान इस कपकपाती ठंड में कैसे सड़क पर अपना समय गुज़र रहे है.तब पता चलेगा जब आप सड़क पर पैदल चल रहे हो.रैली की पूरी तैयारी लगभग किसान ने पूरी कर ली है.मगर एक पेंच फंस गया है.किसान की ट्रैक्टर रैली पर हंगामा होने का भ्रम फैलाया जा रहा.

सुरक्षा एजेंसियों के लिए ये बोहोत मुश्किल समय आ गया है.किसान भी सकते में है ,ये क्या हो रहा है.सुरक्षा महकमा का कहना है की रैली को बदनाम करने की साज़िश रची जा रही है.कैसे काउंटर किया जाए इस पर पुलिस काम करने में जुटी है.फिलहाल किसान तो रैली निकालने की तैयारी कर रहे है.

सिंघु बॉर्डर पर एक लावारिस बैग मिलने से हड़कंप मच गया था.बैग मिलने के बाद किसानो ने पुलिस को सूचित किया गया.बैग को जाँच के भेज दिया गया है.बता दें बैग जहाँ पाया गया है उस थोड़ी ही दुरी पर किसानो का जमावड़ा लगा हुआ है.

खुफिया जानकारी मिली है कि इस रैली में भिंडरवाला के पोस्टर लगाने की साजिश हो रही है. वहीं, पूरी दिल्ली में पावर कट करने के इनपुट भी हैं, जिसके बाद सभी पावर स्टेशनों और सब स्टेशनों की सुरक्षा बढ़ाने के आदेश दिए गए हैं.इस तरह की इनपुट के बाद दिल्ली पुलिस समेत सभी सुरक्षा एजेंसी को अलर्ट पर रखा गया है.किसान नेताओं को भी अलर्ट रहने को कहा गया है.

जानकारी है कि खालिस्तानी संगठन सिख फ़ॉर जस्टिस के प्रवक्ता गुरपतवंत सिंह पन्नू ने वीडियो संदेश भेजे हैं, वहीं लगातार भारत में लोगों को फोन भी आ रहे हैं, जिसमें कहा जा रहा है कि ट्रैक्टर पर तिरंगा न लगाएं. बता दें कि गुरूपतवंत सिंह पन्नू के खिलाफ NIA (National Investigation Agency) ने 15 दिसम्बर 2020 को UAPA (Unlawful Activities (Prevention) Act, 1967) के तहत केस दर्ज किया था.

जानकारी ये भी निकल कर आ रही की रैली को भड़काने के लिए पाकिस्तान में से 300 से ज्यादा ट्विटर अकाउंट बनाए गए हैं. पुलिस के मुताबिक, ‘इस बात की पुख्ता जानकारी मिली है कि पाकिस्तानी आतंकी ट्रैक्टर रैली में गड़बड़ी फैलाने की फिराक में है