कृषि कानून को लेकर बीजेपी सरकार के खिलाफ आंदोलन पंजाब के किसानो ने शुरू करा था और अब पंजाब के किसानो की आवाज़ के साथ देश के किसान भी सुर लगाने लगे हैं। कृषि कानून के अयलान के बाद से पंजाब में कृषि कानून बनने के बाद किसान आंदोलन शुरू हुआ और किसान सड़को पर आ गए। शुरुआत में आंदोलन पंजाब तक ही सीमित था लेकिन अब बीते 12 दिन से किसानों ने दिल्ली के बॉर्डर पर अपना डेरा जमा लिया है। और दिल्ली के बॉर्डर पर सिर्फ पंजाब के किसान ही नहीं वल्की पूरे देश के राज्यों से किसान आ चुके हैं।

बीजेपी सरकार किसानो की नाराज़गी नहीं समझ सकी जिसके पीछे बड़ी वजह बीजेपी का पंजाब में अपने दम पर मजबूत न होना भी है। ऐसे में बीजेपी न तोह पंजाब के किसानों को अपनी तरफ करने में कामयाब हुई और न ही किसान आंदोलन की ताकत को समझ सकी।

बीजेपी सर्कार पंजाब की सियासत में शिरोमणि अकाली दल के सहारे तकरीबन ढाई साल से राजनीति करती रही है। पंजाब की कुल 117 विधानसभा सीटों में से बीजेपी सिर्फ 23 सीटों पर ही चुनाव लड़ती रही है, जिसमे न तोह पार्टी का संगठन है और न ही पूरे राज्ये में जनाधार है। कुछ यही वजह रही हैं जिसके कारण लोक सबा चुनाव में मोदी लेहेर के बावजूद पंजाब में बीजेपी कुछ करिश्मा नहीं दिखा पायी थी।