संयुक्त अरब अमीरात में फाइनल में हारी दिल्ली की टीम मजबूत बल्लेबाजी और शानदार तेज आक्रमण के दम पर इस बार भी खिताब की प्रबल दावेदार है. पंत को श्रेयस अय्यर के चोटिल होने के कारण कप्तानी सौंपी गई है. श्रेयस के कंधे की हड्डी इंग्लैंड के खिलाफ वनडे सीरीज के दौरान लगी चोट के कारण खिसक गई थी.

आत्मविश्वास से ओतप्रोत ऋषभ पंत इंडियन प्रीमियर लीग में पहली बार दिल्ली कैपिटल्स के कप्तान के तौर पर उतरेंगे तो पिछली उपविजेता टीम को पहली बार खिताब दिलाने की उम्मीदों का बड़ा दारोमदार उनके कंधों पर होगा.

संयुक्त अरब अमीरात में फाइनल में हारी दिल्ली की टीम मजबूत बल्लेबाजी और शानदार तेज आक्रमण के दम पर इस बार भी खिताब की प्रबल दावेदार है. पंत को श्रेयस अय्यर के चोटिल होने के कारण कप्तानी सौंपी गई है. श्रेयस के कंधे की हड्डी इंग्लैंड के खिलाफ वनडे सीरीज के दौरान लगी चोट के कारण खिसक गई थी. दिल्ली को 10 अप्रैल को चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाफ पहला मैच खेलना है.

दिल्ली की ताकत 

दिल्ली कैपिटल्स टूर्नामेंट की सबसे संतुलित टीमों में से है जिसके पास मजबूत बल्लेबाजी क्रम और शानदार तेज आक्रमण है. शीर्षक्रम में शिखर धवन, पृथ्वी शॉ और अजिंक्य रहाणे जैसे अनुभवी बल्लेबाज हैं. उसके बाद पंत, मार्कस स्टोइनिस, शिमरॉन हेटमेयर या सैम बिलिंग्स आएंगे. स्टीव स्मिथ के आने से बल्लेबाजी और मजबूत हुई है.

धवन ( 618) पिछले सत्र में सर्वाधिक रन बनाने वाले बल्लेबाजों की सूची में दूसरे स्थान पर थे. इंग्लैंड के खिलाफ वनडे सीरीज में उन्होंने 98 और 67 रन बनाए. वहीं शॉ ने विजय हजारे ट्रॉफी में 827 रन बनाकर फॉर्म में लौटने का ऐलान किया. पंत ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के खिलाफ सीरीज में मैच जिताने वाले प्रदर्शन करने में कामयाब रहे.

गेंदबाजी में दक्षिण अफ्रीका के कैगिसो रबाडा ने पिछले सत्र में पर्पल कैप हासिल की थी, वहीं एनरिक नोर्तजे  की गेंदबाजी भी शानदार थी. टीम के पास क्रिस वोक्स, ईशांत शर्मा और उमेश यादव जैसे तेज गेंदबाज भी हैं.

दिल्ली की कमजोरियां 

दिल्ली की मूल कमजोरी अपने धुरंधर खिलाड़ियों के विकल्प के तौर पर उनकी टक्कर के खिलाड़ियों का अभाव है. यही वजह है कि वे रबाडा और नोर्तजे को आराम नहीं दे सके. विकेटकीपिंग में भी पंत के चोटिल होने पर उनके पास विकल्प नहीं है. इस बार केरल के विष्णु विनोद टीम में हैं, लेकिन वह अनुभवहीन हैं. गेंदबाजी में ईशांत और उमेश अब सीमित ओवरों का क्रिकेट नहीं खेलते हैं.

मौका – पंत के पास यह बड़ा मौका है कि वे महेंद्र सिंह धोनी के साए से निकलकर खिताब के साथ खुद को साबित कर सकें. उनके पास टी20 वर्ल्ड कप की तैयारी का भी यह सुनहरा मौका है. वहीं, धवन सलामी बल्लेबाज के तौर पर अपनी जगह पक्की करना चाहेंगे.

खतरा – पंत को ध्यान रखना होगा कि कप्तानी के अतिरिक्त बोझ तले उनकी आक्रामक बल्लेबाजी नहीं प्रभावित होने पाए, वहीं दिल्ली टीम को रबाडा और नोर्तजे पर अतिरिक्त निर्भरता से बचना होगा. पिछली बार पहले 9 में से 7 मैच जीतने के बाद दिल्ली लगातार 40मैच हार गई थी. उसे इस बार आत्ममुग्धता से बचना होगा.

टीम –

शिखर धवन, पृथ्वी शॉ, अजिंक्य रहाणे, ऋषभ पंत, शिमरॉन हेटमेयर, मार्कस स्टोइनिस, क्रिस वोक्स, आर अश्विन, अक्षर पटेल, अमित मिश्रा, ललित यादव, प्रवीण दुबे, कैगिसो रबाडा, एनरिक नोर्तजे, ईशांत शर्मा, आवेश खान, स्टीव स्मिथ, उमेश यादव, रिपल पटेल, विष्णु विनोद, लुकसान मेरिवाला, एम सिद्धार्थ, टॉम कुरेन, सैम बिलिंग्स.