डेविड वॉर्नर की अगुआई में 2016 में अपना एकमात्र आईपीएल खिताब जीतने के बाद से सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) की टीम ने हमेशा प्ले ऑफ में जगह बनाई है, लेकिन खिताब जीतने में नाकाम रही.

डेविड वॉर्नर की अगुआई में 2016 में अपना एकमात्र आईपीएल खिताब जीतने के बाद से सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) की टीम ने हमेशा प्ले ऑफ में जगह बनाई है, लेकिन खिताब जीतने में नाकाम रही. इस बार चेन्नई में 11 अप्रैल को कोलकाता नाइट राइडर्स के खिलाफ मैच से वह अपने अभियान का आगाज करेगी.

टीम को 2017 में एलिमिनेटर में कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा, जबकि इसके अगले साल हैदराबाद की टीम फाइनल में चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) के खिलाफ हार गई. आईपीएल 2019 और पिछले साल कोरोना वायरस महामारी के कारण यूएई में हुए आईपीएल 2020 में टीम को दिल्ली कैपिटल्स (DC) के खिलाफ क्रमश: एलिमिनेटर और दूसरे क्वालिफायर में हार झेलनी पड़ी.

पिछली बार इस वजह से हुआ टीम को नुकसान

टीम ने 2021 सीजन के लिए अपने मुख्य खिलाड़ियों को रिटेन किया है और यही कारण है कि इस साल आईपीएल नीलामी में टीम काफी सक्रिय नहीं थी और उसने सिर्फ कुछ बैकअप खिलाड़ियों को खरीदा. पिछले टूर्नामेंट में टीम को हालांकि अनुभवहीन मध्यक्रम का नुकसान हुआ था, क्योंकि टीम प्रियम गर्ग, अभिषेक शर्मा और अब्दुल समद जैसे खिलाड़ियों पर निर्भर थी.

टीम के मजबूत पक्षों की बात करें तो टीम का संतुलन उसका सबसे मजबूत पक्ष है विशेषकर शीर्ष क्रम. टीम के पास डेविड वॉर्नर, जॉनी बेयरस्टो, जेसन रॉय, केन विलियमसन, मनीष पांडे और ऋद्धिमान साहा जैसे खिलाड़ी हैं, जो किसी भी गेंदबाजी आक्रमण को ध्वस्त करने में सक्षम हैं.

वॉर्नर-बेयरस्टो की सलामी जोड़ी पर दारोमदार

वॉर्नर और बेयरस्टो की सलामी जोड़ी आईपीएल की सबसे खतरनाक जोड़ियों में से एक है. जेसन रॉय भी अंतिम एकादश में जगह बनाने के दावेदार हैं, लेकिन सिर्फ चार विदेशी खिलाड़ियों को खिलाने के नियम के कारण सिर्फ वॉर्नर और राशिद खान का खेलना तय है.

बाकी दो स्थानों के लिए खिलाड़ियों का चयन हालात के आधार पर होगा. जेसन होल्डर अपने ऑलराउंड प्रदर्शन, जबकि केन विलियमसन अपने अनुभव के कारण दावेदार होंगे.

भुवनेश्वर और राशिद पर बड़ी जिम्मेदारी

टीम की गेंदबाजी प्रभावी है. फिट होकर वापसी करने वाले भुवनेश्वर कुमार और राशिद गेंदबाजी आक्रमण की अगुआई करेंगे. अफगानिस्तान के ही स्टार स्पिनर मुजीब उर रहमान और यॉर्कर विशेषज्ञ टी नटराजन की मौजूदगी टीम के गेंदबाजी आक्रमण को मजबूत करती है.

बल्लेबाजी क्रम में हालांकि फिनिशर की कमी टीम का कमजोर पक्ष है. यूएई में हुए पिछले आईपीएल में टीम का मध्यक्रम भी कमजोर नजर आया और ऐसे में टीम की नजरें विलियमसन के अनुभव पर टिकी होंगी.

विजय शंकर को ऑलराउंडर के रूप में टीम में अपनी अहमियत साबित करनी होगी. टीम ने इस साल केदार जाधव को अपने साथ जोड़ा है, लेकिन देखना यह होगा कि अभ्यास की कमी के बावजूद महाराष्ट्र का यह ऑलराउंडर अपनी अहमियत साबित कर पाएगा या नहीं.

साहा को अगर बल्लेबाजी क्रम में ऊपर मौका दिया जाता है, तो वह बेहतर प्रभाव छोड़ सकते हैं, जबकि मध्यक्रम में जाधव अहम भूमिका निभा सकते हैं. पांडे के पास भी आईपीएल में बेहतर प्रदर्शन कर राष्ट्रीय टीम में जगह बनाने की दावेदारी फिर पेश करने का मौका होगा.

टीम इस प्रकार है –

डेविड वॉर्नर (कप्तान), केन विलियमसन, विराट सिंह, मनीष पांडे, प्रियम गर्ग, ऋद्धिमान साहा, जॉनी बेयरस्टो, जेसन रॉय, श्रीवत्स गोस्वामी, विजय शंकर, मोहम्मद नबी, केदार जाधव, जे सुचित, जेसन होल्डर, अभिषेक शर्मा, अब्दुल समद, भुवनेश्वर कुमार, राशिद खान, टी नटराजन, संदीप शर्मा, खलील अहमद, सिद्धार्थ कौल, बासिल थम्पी, शाहबाज नदीम और मुजीब उर रहमान.