इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2021 के लिए खिलाड़ियों की नीलामी गुरुवार को होगी. चेन्नई में होने जा रही इस नीलामी का सबों को बेसब्री से इंतजार है.

इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2021 के लिए खिलाड़ियों की नीलामी गुरुवार को होगी. चेन्नई में होने जा रही इस नीलामी का सबों को बेसब्री से इंतजार है. आईटीसी ग्रैंड होटल में शाम 3 बजे से नीलामी की प्रक्रिया शुरू होगी. स्टीव स्मिथ, ग्लेन मैक्सवेल जैसे खिलाड़ी नीलामी में आकर्षण का केंद्र होंगे.

आईपीएल संचालन परिषद ने खिलाड़ियों की संख्या में कटौती की है, जिसके बाद 292 खिलाड़ी नीलामी में उतरेंगे. आठ फ्रेंचाइजी 61 स्थानों को भरने के लिए बोली लगाएंगी. नीलामी सूची में 164 भारतीय, 125 विदेशी और एसोसिएट देशों के तीन खिलाड़ियों को जगह मिली है.

नजर डालते हैं सभी टीमों की ‘रणनीतियों’ पर –

राजस्थान रॉयल्स (RR) – राजस्थान ने कप्तान स्टीव स्मिथ को रिलीज करने का साहसिक कदम उठाया. प्लेइंग इलेवन में एक विदेशी स्लॉट खुलने के साथ ही बैटिंग और बॉलिंग डिपार्टमेंट में संतुलन बैठाने में भी आसानी होगी. युवा ओपनर यशस्वी जायसवाल के लिए पिछला सीजन बेहद खराब रहा. इस कारण राजस्थान को पिछले सत्र में 5 अलग-अलग ओपनिंग कॉम्बिनेशन को आजमाना पड़ा था. अंत में बेन स्टोक्स बतौर ओपनर और जोस बटलर मिडिल ऑर्डर में खेले थे.

रॉबिन उथप्पा के जाने के बाद नए कप्तान संजू सैमसन टीम में एकमात्र अनुभवी भारतीय बल्लेबाज बचे हैं. रॉयल्स ने रॉबिन उथप्पा को सीएसके से ट्रेड किया है. टीम ने पिछले सीजन में पावरप्ले में संयुक्त रूप से सबसे अधिक विकेट (29) गंवाए. ऐसे में राजस्थान को एक ऐसे बल्लेबाज की खोज है, जो मिडिल ऑर्डर में निरंतरता प्रदान कर सके. केदार जाधव जैसे प्लेयर को खरीदकर राजस्थान अपनी बैटिंग को मजबूत कर सकती है.

जोफ्रा आर्चर के शानदार प्रदर्शन के बावजूद, पिछले सत्र में राजस्थान ने डेथ ओवरों में 11.60 रन प्रति ओवर की दर से रन लुटाए. स्मिथ के जाने के बाद एंड्रयू टाई को और ज्यादा मौके मिल सकते हैं. वरुण आरोन और अंकित राजपूत को रिलीज करने के बाद टीम को एक बैक-अप गेंदबाज की तलाश होगी. साथ ही, उथप्पा की जगह बड़ौदा के विष्णु सोलंकी को राजस्थान खरीदना चाहेगी. राजस्थान रॉयल्स के पास 34.85 करोड़ शेष हैं और वह तीन विदेशी खिलाड़ियों को खरीद सकती है.

चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) – लेफ्ट हेंड बैट्समैन सुरेश रैना की वापसी से न केवल सीएसके का शीर्ष क्रम मजबूत हुआ है. साथ ही इमरान ताहिर को ज्यादा मैच खेलने का अवसर मिलेगा. ताहिर मिडिल ओवरों में  गेंदबाजी को और मजबूती दे सकते हैं. पिछले सत्र में रवींद्र जडेजा, पीयूष चावला और कर्ण शर्मा ने विकेट लेने के लिए संघर्ष किया था.

पिछले दो सत्रों में टीम ने पावरप्ले में  6.44 की औसत से रन बनाए हैं, जो टूर्नामेंट औसत 6.44 से काफी कम है. एलेक्स हेल्स, डेविड मलान, जेसन रॉय विकल्प हो सकते हैं, लेकिन उन सभी पर नीलामी में बड़ी बोलियां लगने की उम्मीद है. सीएसके नीलामी में सिर्फ एक विदेशी खिलाड़ी को ले सकती है. एकमात्र विदेशी स्लॉट के लिए टीम ग्लेन मैक्सवेल या मोईन अली पर भी बोली लगा सकती है.

मैक्सवेल या मोईन तेज गति से रन बनाने के साथ ही उपयोगी ऑफ स्पिनर भी हैं. हरभजन सिंह और केदार जाधव की विदाई के बाद टीम को एक ऑफ स्पिनर की तलाश है. पिछले सत्र में टीम ने डेथ ओवरों में 10.62 प्रति ओवर की दर से रन खर्च किए थे. पिछले कुछ सत्रों से ड्वेन ब्रावो की फिटनेस और फॉर्म टीम के लिए चिंता का सबब है. एक बैक-अप भारतीय गेंदबाज इसका विकल्प हो सकता है. चेन्नई सुपर किंग्स के पास पर्स में 19.90 करोड़ शेष हैं.

किंग्स इलेवन पंजाब (KXIP):  किंग्स पंजाब के पास 53.20 करोड़ रुपए बचे हैं और वह पांच विदेशी खिलाड़ियों को खरीद सकती है. ऐसे में टीम नीलामी में काफी सक्रिय होगी और मुख्य रूप से विदेशी खिलाड़ी को खरीदना चाहेगी. हमेशा की तरह पंजाब को अपने लाइन-अप में ऑलराउंडर्स की जरूरत है. टीम ने ग्लेन मैक्सवेल और जिमी नीशाम को रिलीज कर दिया. यह देखना दिलचस्प होगा कि पंजाब कम मूल्य पर मैक्सवेल को तीसरी बार खरीदती है या नहीं. शाकिब अल हसन और क्रिस मॉरिस टीम के लिए बेहतरीन विकल्प हो सकते हैं.

पंजाब के गेंदबाजों ने आईपीएल 2020 में शुरुआत और अंत के ओवरों में काफी रन खर्च किए थे. उनके तेज गेंदबाज ने डेथ ओवरों में 11.86 रन प्रति ओवर की दर से खर्च किए, जो अब तक सबसे महंगा है. शेल्डन कॉट्रेल अपनी छाप छोड़ने में असफल रहे थे. मुस्ताफिजुर रहमान टीम के लिए एक बेहतरीन विकल्प हो सकते हैं.

स्टीव स्मिथ जैसे खिलाड़ी को खरीदकर पंजाब अपने मिडिल ऑर्डर को मजबूत बना सकती है. मुजीब उर रहमान, मैक्सवेल और कृष्णप्पा गौतम के जाने के बाद टीम को एक ऑफ स्पिनर की भी तलाश है.

कोलकाता नाइटराइडर्स (KKR) – केकेआर के पास 10.75 करोड़ रुपए शेष हैं और वह दो विदेशी खिलाड़ियों को खरीद सकती है. पिछले सत्र में टीम की गेंदबाजी उतनी कारगर नहीं रही थी. केकेआर ने 2020 में पावरप्ले में सिर्फ 13 विकेट लिए. पैट कमिंस 10 मैचों में पावरप्ले में  विकेट लेने में असफल रहे थे. लोकी फर्ग्यूसन का उपयोग बीच के ओवरों में किया गया था.

केकेआर उमेश यादव को एक बार फिर खरीद सकती है. उमेश का पिछला दो सीजन उतना अच्छा नहीं गया था, लेकिन 2018 के सत्र में उन्होंने पावरप्ले में अच्छी गेंदबाजी की थी. कुलदीप यादव के लिए पिछला सत्र उतना अच्छा नहीं रहा था. बाएं हाथ के सीमर और बाएं हाथ के ऑर्थोडॉक्स स्पिनर टीम के लिए उपयोगी हो सकते हैं. बाएं हाथ के गेंदबाज जेसन बेहरेनडॉर्फ अच्छा विकल्प हो सकते हैं.

तमिलनाडु के स्पिनर एम. सिद्धार्थ को टीम फिर खरीद सकती है, जिन्होने बड़ौदा के खिलाफ मुश्ताक अली ट्रॉफी में शानदार प्रदर्शन किया था. कोलकाता दिनेश कार्तिक के लिए एक बैक-अप विकेटकीपर को टीम में ले सकती है.

रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) – आरसीबी ने नए सत्र से पहले दस खिलाड़ियों को रिलीज किया है, जिसमें क्रिस मॉरिस, डेल स्टेन जैसे खिलाड़ी शामिल हैं. आरसीबी डिविलियर्स और कोहली के बल्लेबाजी पर निर्भर रही है. भले ही ओपनर देवदत्त पडिक्कल ने पिछले सत्र में छाप छोड़ी थी. आरसीबी को मिडिल ऑर्डर में एक अच्छे बल्लेबाज की तलाश है. ग्लेन मैक्सवेल टीम के लिए एक बेहतरीन विकल्प हो सकते है.

क्रिस मॉरिस ने गेंद के साथ पिछले सीजन में बढ़िया प्रदर्शन किया था. आरसीबी मॉरिस को पिछले साल की तुलना में कम कीमत पर फिर से वापस लेने की कोशिश कर सकता है. डेनियल सैम्स भी अच्छा विकल्प हो सकते हैं, लेकिन आईपीएल 2020 में उन्होंने एक भी विकेट विकेट नहीं लिया था. आरसीबी को केन रिचर्डसन के बैक-अप की भी जरूरत है.

पार्थिव पटेल के जाने के बाद टीम को एक भारतीय विकेटकीपर बल्लेबाज की भी जरूरत है, जो डिविलियर्स का भार कम कर सके. विकेटकीपर जोश फिलिप टीम में मौजूद हैं, लेकिन उनके खेलने से टीम का कॉम्बिनेशन बिगड़ सकता है. आरसीबी के पास 35.40 करोड़ रुपए शेष हैं और वह तीन विदेशी खिलाड़ियों को खरीद सकती है.

सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) – सनराइजर्स लगातार पांचवें साल प्लेऑफ में पहुंची थी. टीम ने 22 खिलाड़ियों को रिटेन किया है. टीम के पास पर्स में मात्र 10.75 करोड़ शेष हैं और नीलामी में यह टीम उतनी सक्रिय नहीं रहेगी. सनराइजर्स नीलामी में सिर्फ एक विदेशी समेत तीन खिलाड़ियों को खरीद सकती है. डेथ ओवरों की बल्लेबाजी सनराइजर्स के लिए चिंता का विषय रही है.

सनराइजर्स पिछले सीजन में पंजाब और आरसीबी के खिलाफ रन चेज में ताश के पत्तों की तरह बिखर गई थी. मिशेल मार्श और जेसन होल्डर टीम में मौजूद हैं, जिनसे ऑलराउंड प्रदर्शन की उम्मीद रहेगी. सनराइजर्स ऐसे भारतीय या विदेशी खिलाड़ी को खरीद सकती है, जो टीम को और मजबूती प्रदान कर सके. टीम के पास तेज गेंदबाजों की फौज है, उनमें से कोई भी बिली स्टेनलेक की तरह तेज नहीं है. स्टेनलेक के जाने के बाद टीम को उनके विकल्प की तलाश होगी.

दिल्ली कैपिटल्स (DC) – साउथ अफ्रीका को पाकिस्तान के खिलाफ घरेलू सीरीज खेलनी है, जिस कारण यह टीम काफी चिंतित होगी. कैपिटल्स की गेंदबाजी साउथ अफ्रीका के दो तेज गेंदबाजों के इर्द-गिर्द घूमती है. पिछले साल टीम फाइनल में पहुंचाने में कैगिसो रबाडा और एनरिक नोर्तजे की अहम भूमिका रही थी.

कैपिटल्स के गेंदबाजों ने पिछले सीजन में 72 विकेट लेने के बावजूद पावरप्ले में महज 13 विकेट लिए थे. ईशांत शर्मा की अनुपस्थिति में डेनियल सैम्स, तुषार देशपांडे और हर्षल पटेल 10.53 की औसत से रन खर्च किए थे. टीम को बैक-अप भारतीय विकेटकीपर की भी जरूरत है. पंत के पिछले सीजन में चोटिल होने पर उन्हें अपनी टीम का कॉम्बिनेशन बदलना पड़ा था.

एलेक्स कैरी को टीम ने रिलीज कर दिया है. पृथ्वी शॉ और रहाणे ने पिछले सीजन में बल्ले से निराश किया था. जिस कारण मार्कस स्टोइनिस को ओपनिंग करना पड़ा था. अगर स्टोइनिस सलामी बल्लेबाज के रूप में बने रहते हैं, तो दिल्ली को फिनिशर की आवश्यकता होगी. दिल्ली कैपिटल्स के पास 13.40 करोड़ शेष हैं और वह तीन विदेशी खिलाड़ियों को खरीद सकती है.

मुंबई इंडियंस (MI) – मुंबई इंडियंस आईपीएल के पिछले सत्र की विजेता रही थी. उसने इस सत्र के लिए लसिथ मलिंगा, जेम्स पेटिंसन, नाथन कूल्टर नाइल जैसे तेज गेंदबाजों को रिलीज कर दिया है. ऐसे में मुंबई इंडियंस को एक विदेशी तेज गेंदबाज की तलाश होगी, जो जसप्रीत बुमराह और ट्रेंट बोल्ट का साथ दे सके. पिछले दो सत्रों से क्रुणाल पंड्या बल्ले और गेंद से उतने कारगर नहीं रहे हैं. मुंबई को एक अच्छे स्पिनर और कीरोन पोलार्ड के बैक-अप की आवश्यकता है. मुंबई के पास 15.35 करोड़ शेष हैं और वह चार विदेशी खिलाड़ियों को खरीद सकती है.