स्पेन के यूनिवर्सिटी हॉस्पिटल में कार्डियोलॉजिस्ट और इस स्टडी के लेखक डॉक्टर जीसस पेटेइरो ने हेल्थलाइन वेबसाइट को बताया, ‘स्टेयर्स टेस्ट दिल की सेहत की जांच करने का एक आसान तरीका है. अगर आपको 60 सीढ़ियां चढ़ने में डेढ़ मिनट से अधिक का समय लगता है, तो इसका मतलब है कि आपका दिल पूरी तरह से स्वस्थ नहीं है और और आपको डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।

ये स्टडी यूरोपियन सोसाइटी ऑफ कार्डियोलॉजी की वैज्ञानिकों की एक बैठक में प्रस्तुत की गई. इस बैठक में लैब में की जाने वाली एक्सरसाइज टेस्टिंग की तुलना स्टेयर्स टेस्ट से की गई।

165 लोगों पर की गई इस स्टडी में मेटाबॉलिक इक्विवेलेंट (METs) मापने के लिए पहले लोगों को अपनी एक्सरसाइज क्षमता के अनुसार ट्रेडमिल पर तब तक चलने या दौड़ने के लिए कहा गया जब तक कि वो थक ना जाएं. थोड़ी देर आराम के बाद इन लोगों को तेज गति से 60 सीढ़ियां चढ़ने को कहा गया और इनका मेटाबॉलिक इक्विवेलेंट फिर मापा गया

40 से 45 सेकंड से भी कम समय में सीढ़ियां चढ़ने वाले प्रतिभागियों का मेटाबॉलिक इक्विवेलेंट 9 से 10 METs था. पिछली स्टडीज में एक्सरसाइज टेस्ट के दौरान 10 METs हासिल करने वालों में मृत्यु दर कम पाई गई है. जिन प्रतिभागियों को सीढ़ियों को चढ़ने में 1.5 मिनट या उससे अधिक का समय लिया, उनका METs 8 से भी कम आया

वहीं एक मिनट से भी कम समय में सीढ़ियां चढ़ने वाले 32 फीसदी लोगों की तुलना में जिन 58 फीसदी प्रतिभागियों ने सीढ़ियां चढ़ने में 1.5 मिनट से अधिक का समय लिया, एक्सरसाइज के दौरान उनकी हृदय कार्यक्षमता अनियमित पाई गई. हालांकि इस स्टडी पर कई लोगों ने सवाल उठाए हैं

लोगों का कहना है कि हर 3 में से 1 स्टडी में पाया गया है कि जिन प्रतिभागियों ने जल्दी सीढ़ियां चढ़ लीं, उनकी भी हृदय कार्यक्षमता पूरी तरह से ठीक नहीं पाई गई जो बताता है कि उनमें भी दिल की बीमारियां हो सकती हैं।