केंद्र सरकार ने छोटी बचत योजनाओं पर ब्याज दर में कटौती करने का फैसला वापस ले लिया है. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने ट्वीट कर ये जानकारी दी है. इस ट्वीट के बाद लोगों ने राहत की सांस ली है. लेकिन इसी बीच सोशल मीडिया पर सरकार के इस यूटर्न पर यूजर्स चटखारे लेने लगे.

दरअसल, बुधवार को सरकार ने एक अप्रैल 2021 से छोटी बचत योजनाओं पर ब्याज दरों में कटौती का ऐलान किया था. अचानक शुक्रवार सुबह वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने ट्वीट करके जानकारी दी कि ब्याज दरों में कटौती का फैसला सरकार ने वापस ले लिया है.

वित्त मंत्री ने लिखा, ‘भारत सरकार की छोटी बचत योजनाओं पर ब्याज दरें वहीं रहेंगी जो वित्त वर्ष 2020-21 की अंतिम तिमाही में थीं. गलती से जारी हुआ आदेश वापस ले लिया गया है.’

वित्त मंत्री ने ब्याज दर घटाने का फैसला भले ही वापस ले लिया है, लेकिन विपक्ष समेत तमाम सोशल मीडिया यूजर्स ने सरकार को आड़े हाथ ले लिया है. Cryptic_Miind नामक एक यूजर ने लिखा कि चुनाव जैसे ही खत्म होंगे, यह आदेश फिर से वापस आ जाएगा.

भूपेंद्र सिंह ने लिखा कि समझ नहीं आ रहा कि अप्रैल फूल एक दिन पहले मना लिया या आज ही मनाने का प्लान था. कल को उठ के ये भी बोल देंगी कि वो पहले वाला ऑर्डर ही रहेगा, बाद वाले मैं रोल बैक वाला कुछ नहीं था.

सरकार के यूटर्न पर लोगों ने तमाम टिप्पणियां की हैं. किसी ने इसे राज्य विधानसभा चुनावों से जोड़ दिया तो किसी ने वित्त मंत्री पर निशाना साधा. कोकन अमोल नामक इस यूजर ने लिखा कि मात्र दस घंटे के अंदर सरकार का यूटर्न!

कुछ लोगों ने जहां इस यूटर्न पर चटखारे लिए तो कुछ लोगों ने इसे अच्छा कदम बताया है. मल्हार अंजारिया नामक यूजर ने लिखा कि यह अच्छा कदम है, वरना इस फैसले से मध्यम वर्ग बुरी तरह प्रभावित होता.

वहीं इन सबके अलावा विपक्ष के भी नेताओं ने सवाल उठाए. कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) नेता डेरेक ओ ब्रायन का कहना है कि सरकार चुनाव के कारण डर गई है और फैसले को वापस ले लिया, लेकिन चुनाव के बाद कैंची फिर से चल सकती है.

कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने लिखा कि चुनाव के डर से मोदी-शाह-निर्मला सरकार ने अपना गरीब व आम आदमी की Small Savings की ब्याज दर का निर्णय बदल दिया, धन्यवाद, लेकिन निर्मला जी यह वादा भी कर दीजिए कि चुनाव हो जाने के बाद भी आप फिर से ब्याज दर नहीं घटाएंगी.

बता दें कि वित्त मंत्रालय ने 18 घंटे में जिस फैसले को बदला है, उसके नोटिफिकेशन के मुताबिक, बचत खातों पर सालाना ब्याज की दर 4 फीसदी से घटाकर 3.5 फीसदी कर दी गई थी. बचत खाते के अलावा पीपीएफ खाते पर मिलने वाली ब्याज दर भी 7.1 फीसदी से घटाकर 6.4 फीसदी और वरिष्ठ नागरिकों को मिलने वाला ब्याज 7.4 फीसदी से कम करके 6.5 फीसदी कर दिया गया था.

नोटिफिकेशन के मुताबिक, सरकार ने बेटियों के लिए शुरू की गई सुकन्या समृ्द्धि योजना में ऊंची ब्याज दरों की घोषणा की थी. अब तक सुकन्या समृद्धि खाता धारकों को सालाना 7.6 फीसदी की दर से ब्याज मिलता था, लेकिन अब ये ब्याज दर भी घटकर 6.9 फीसदी कर दी गई थी. सुकन्या समृद्धि खाते की ब्याज दरों में 0.7 फीसदी की कटौती का ऐलान किया गया था.