पुलिस के मुताबिक उदित राज ने पोस्टमार्टम और अन्य साक्ष्यों की उपेक्षा की. उन्होंने मृतकाओं के साथ बलात्कार होने तथा उनके शवों को घर वालों की मर्जी के खिलाफ शव का अंतिम संस्कार जैसी अफवाह फैलाई.

उन्नाव में दलित लड़कियों की मौत के मामले को लेकर आक्रोश फैलाने वाली पोस्ट करने के आरोप में कांग्रेस नेता उदित राज के खिलाफ केस दर्ज किया गया है. उन्नाव पुलिस की तरफ से जारी बयान में कहा गया है कि बबुरहा में हुई घटना में दो लड़कियों की मौत हो गई है और तीसरी लड़की की गंभीर स्थिति के चलते इलाज चल रहा है. इस संबंध में कांग्रेस नेता उदित राज के ट्विटर हैंडल से गलत और भ्रामक ट्वीट किया गया.

पुलिस के मुताबिक उदित राज ने पोस्टमार्टम और अन्य साक्ष्यों की उपेक्षा की. उन्होंने लड़कियों के साथ बलात्कार होने तथा उनके शवों को घर वालों की मर्जी के खिलाफ शव का अंतिम संस्कार जैसी अफवाह फैलाई. जबकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट से यह साफ है कि दोनों लड़कियों के साथ किसी भी प्रकार के बलात्कार की पुष्टि नहीं हुई है. परिजनों ने शवों का बिना दबाव के अंतिम संस्कार किया.

पुलिस  का कहना है कि इससे स्पष्ट होता है कि उदित राज की तरफ से जानबूझकर मनगढ़ंत और फर्जी खबर सोशल मीडिया के जरिए फैलाई गई. उनके खिलाफ आईटी एक्ट और आईपीसी की धारा 153 के तहत केस दर्ज किया गया है. पुलिस ने कहा कि मामले में उचित कार्रवाई की जा रही है.

क्या था ट्वीट

उदित राज के ट्विटर हैंडल से किए गए 19 फरवरी को ट्वीट में लिखा गया था कि, ”अभी अभी सावित्री बाई फुले जी पूर्व सांसद से दूरभाष पर बात हुई. मुश्किल से पुलिस ने उनको उन्नाव में पीड़ित से मिलने दिया.पीड़ित के घर वालों ने बताया कि बच्चियों के साथ बलात्कार हुआ है और मर्जी के खिलाफ लाशें जला दिया गया.”

बता दें कि उन्नाव मामले में पुलिस ने खुलासा करते हुए बताया था कि मामला एकतरफा प्यार का है. जहां आरोपियों ने प्रपोजल के इनकार पर लड़की को जहर दे दिया था. आरोपी ने प्रेम-प्रसंग में शामिल लड़की को पानी पीने के लिए दिया जिसे बाकी लड़कियों ने भी पी लिया था. जिसके चलते दो की मौत हो गई थी जबकि एक की हालत गंभीर है.