पूर्व इंग्लिश क्रिकेटर चेन्नई की पिच को लेकर सवाल खड़े कर रहे हैं. लेकिन सच्चाई यह है कि इंग्लैंड में पिचों को लेकर कई बार सवाल उठे हैं. भारत और इंग्लैंड के बीच खेले जा रहे दूसरे टेस्ट में पिच को लेकर काफी बहस हो रही है….

पूर्व इंग्लिश क्रिकेटर चेन्नई की पिच को लेकर सवाल खड़े कर रहे हैं. लेकिन सच्चाई यह है कि इंग्लैंड में पिचों को लेकर कई बार सवाल उठे हैं. भारत और इंग्लैंड के बीच खेले जा रहे दूसरे टेस्ट में पिच को लेकर काफी बहस हो रही है. इंग्लैंड के पूर्व क्रिकेटर माइकल वॉन और इयान बेल ने चेपॉक की पिच को बैटिंग के लायक नहीं बताया था. इंग्लैंड के सहायक कोच ग्राहम थोर्प ने इसे चुनौतीपूर्ण करार दिया था. लेकिन इसी पिच पर रविचंद्रन अश्विन ने शानदार शतक बनाकर दिखा दिया कि टर्निंग ट्रैक पर भी बैटिंग की जा सकती है.

रोहित शर्मा ने भी पहली पारी में शानदार 161 रन बनाए थे. अजिंक्य रहाणे, ऋषभ पंत और विराट कोहली ने भी बल्ले से जुझारू प्रदर्शन किया था. पूर्व भारतीय ओपनर सुनील गावस्कर ने पिच की आलोचना करते वालों को लताड़ लगाई थी. गावस्कर ने कहा कि इंग्लैंड की सीमिंग विकेट के बारे में कोई बात नहीं करता है. उन्हें सिर्फ भारतीय पिचों से शिकायत रहती है.

नजर डालते हैं इंग्लैंड में हुए उन मैचों पर, जिनमें पिच को लेकर सवाल खड़े हुए-

इंग्लैंड vs भारत, नॉटिंघम

2014 में भारत ने इंग्लैंड का दौरा किया था. पांच मैचों की टेस्ट सीरीज सीरीज का पहला टेस्ट मैच नॉटिंघम के ट्रेंट ब्रिज मैदान पर खेला गया, जो ड्रॉ हो गया था. भारत ने पहली पारी में 457 और दूसरी पारी में 9 विकेट पर 391 रन बनाए थे. वहीं, इंग्लैंड ने पहली पारी में 496 रन बनाए थे. मैच के बाद रेफरी डेविड बून ने पिच की शिकायत की थी. आईसीसी ने पिच निगरानी प्रक्रिया के तहत की गई जांच के बाद  ट्रेंटबिज को आधिकारिक चेतावनी दी थी.

आईसीसी ने जांच में पाया था कि यह पिच बॉलिंग और बैटिंग दोनों के लिए ठीक नहीं थी. लॉर्ड्स में हुए अगले टेस्ट मैच के दौरान कुछ तस्वीरें वायलर हुई थीं. तस्वीरों में तीसरे दिन लंच के वक्त दो आदमी पिच पर उस जगह झाड़ू लगा रहे थे जहां पर किसी के भी जाने पर रोक होती है. उस वक्त भारत की बल्लेबाजी चल रही थी. संयोग की बात थी कि लंच तक कोई विकेट नहीं गंवाने वाली टीम इंडिया ने लंच के बाद चार विकेट गंवा दिए थे. बाद में एमसीसी ने इस घटना पर आधिकारिक रूप से खेद जताया था.

इंग्लैंड vs साउथ अफ्रीका, लॉर्ड्स 

2017 में लॉर्ड्स में इंग्लैंड और साउथ अफ्रीका के बीच तीसरा वनडे मैच खेला गया था. इंग्लैंड की पूरी टीम 153 रनों पर सिमट गई थी. एक समय तो इंग्लैंड ने अपने शुरुआती 6 विकेट महज 20 रनों पर खो दिए थे. साउथ अफ्रीका ने इस मैच को सात विकेट से जीता था. मैच के बाद इंग्लैंड के कप्तान इयोन मॉर्गन ने ही पिच को लेकर सवाल उठा दिए थे.

मोर्गंन ने कहा था कि यह  वनडे क्रिकेट की पिच नहीं थी और पिच पर अच्छी-खासी घास मौजूद थी. हम इस पिच पर सुबह वैसे शॉट्स नहीं खेल सकते थे जो शाम को साउथ अफ्रीकी बल्लेबाजों ने खेले.

भारत vs एसेक्स, चेम्सफोर्ड

2018 में इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज से पहले टीम इंडिया को चेम्सफोर्ड में एसेक्स के खिलाफ चार दिनों का अभ्यास मैच खेलना था. लेकिन भारतीय टीम मैनेजमेंट ने पिच और मैदान की परिस्थिति को लेकर शिकायत की थी. जिसके बाद मैच को तीन दिन का कर दिया गया था. आउटफील्ड में घास की कमी थी, जबकि विकेट पर काफी हरी घास मौजूद थी. आउटफील्ड में घास नहीं होने से टीम इंडिया के खिलाड़ी चोटिल हो सकते थे. भारतीय टीम मैनेजमेंट की नाराजगी एक और बात को लेकर थी. टीम इंडिया को नेट प्रैक्टिस लिए मिली पिचों पर घास बिल्कुल नहीं थी, जो अभ्यास मैच की पिच से पूरी तरह से जुदा थी.