Yes Bank ऋण धोखाधड़ी मामले में ED ने ओमकार रियलटर्स और डेवलपर्स के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी है. जैकपॉट मूवी फेम एक्टर और बिजनेसमैन सचिन जोशी समेत इसमें ओमकार रियलटर्स के प्रवर्तक, चेयरमैन और अन्य अधिकारियों का नाम शामिल है. जानें क्या है पूरा मामला.

Yes Bank ऋण धोखाधड़ी मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने ओमकार रियलटर्स और डेवलपर्स के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी है. जैकपॉट मूवी फेम एक्टर और बिजनेसमैन सचिन जोशी समेत इसमें ओमकार रियलटर्स के प्रवर्तक, चेयरमैन और अन्य अधिकारियों का नाम शामिल है. जानें क्या है पूरा मामला.

ईडी के जोन-2 कार्यालय ने मुम्बई में ओमकार रियलटर्स एंड डेवलपर्स लिमिटेड के खिलाफ यस बैंक के साथ ऋण धोखाधड़ी का अलग मामला दर्ज किया था. कंपनी ने यस बैंक से 410 करोड़ रुपये का लोन लिया था.

ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग के मामले देखने वाली विशेष अदालत में चार्जशीट दायर की है. इसमें ईडी ने कंपनी के चेयरमैन कमल किशोर गुप्ता, मैनेजिंग डायरेक्टर बाबूलाल वर्मा और अभिनेता एवं प्रोड्यूसर सचिन जोशी को नामजद किया है.

वर्मा और गुप्ता की हो चुकी है गिरफ्तारी
मार्च 2020 में औरंगाबाद पुलिस द्वारा दर्ज एफआईआर के आधार पर ईडी ने मामला दर्ज किया और उसके बाद कंपनी के परिसर पर छापे मारे थे. बाबूलाल वर्मा और कमल किशोर गुप्ता को 27 जनवरी 2021 को गिरफ्तार किया जा चुका है.

सचिन जोशी को ट्रांसफर किए गए पैसे
ईडी का कहना है कि ओमकार रियलटर्स ने झुग्गी-झोपड़ी के पुनर्वास के लिए यस बैंक से लोन लिया था. लेकिन जुटाए गए लोन के पैसे अन्य जगह और सचिन जोशी की कंपनियों को ट्रांसफर कर गए. सचिन जोशी की कंपनी ने एक नीलामी में गोवा में किंगफिशर विला खरीदा था. पहले ये विला फरार कारोबारी विजय माल्या के पास था.

ईडी का कहना है कि सचिन जोशी ने फर्जी बिल और खर्चे दिखाकर लोन की रकम के हेरफेर में ओमकार रियलटर्स की मदद की. करीब 80 करोड़ रुपये की राशि की मनी लॉन्ड्रिंग में उसने मदद की.

ईडी का कहना है कि ओमकार रियलटर्स ने एक कंपनी सुराना कंस्ट्रक्शन खरीदी थी. इसी कंपनी के पास आनंद नगर स्लम रीहेबिलिटेशन अथॉरिटी को-ऑपरेटिव हाउसिंग सोसायटी वडाला के पुनर्विकास का ठेका था. ओमकार रियलटर्स ने इसी प्रोजेक्ट के नाम पर बड़ा लोन यस बैंक से जुटाया था.

यस बैंक के अन्य धोखाधड़ी मामले से अलग

यह मामला यस बैंक धोखाधड़ी के मामले से अलग नजर आता है. यस बैंक ऋण घोटाले के एक और मामले में बैंक के पूर्व प्रवर्तक राणा कपूर और उनके परिवार के सदस्य आरोपी हैं. कपूर भी मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत आरोपी बनाए गए हैं. मामले की जांच अभी चल रही है.