किसानो और सरकार के बिच आठवे दौर की बातचीत जारी है.वही से अभी अभी खबर आ रही किसानो ने एलान किया है की या तो जीतेंगे या मरेंगे.कृषि मंत्री नरेंद्र तोमर और रेल मंत्री पीयूष गोयल किसान नेताओं के साथ वार्ता कर रहे हैं.किसानो के साथ मीटिंग से पहले गृह मंत्री अमित शाह के आवास पर पहले एक घंटे तक मीटिंग चली.

किसानो के साथ बैठक से पहले कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा की उम्मीद करता हूँ की बातचीत को साकारात्मक रखा जायेगा.अब तक किसान और सरकार अपनी -अपनी बात बात दोनों अड़े हुए है.दरअसल सरकार से नाराज दिख रहे बलवंत सिंह ने लिखा कि या मरेंगे या जीतेंगे. वहीं, सूत्रों के हवाले से खबर है कि किसानों ने लंच नहीं किया. किसान नेता शांत हैं. आज की बैठक जल्द खत्म हो सकती है.

किसानो की मुद्दे को लेकर कांग्रेस नेता ने भी ट्वीट कर कहा की किसान अपनी MSP के लिए आवाज उठाएगा तो उसे छज्जे गिराने की धमकी दी जाएगी. यूपी में सरकारी गड़बड़ी की वजह से 7.5 लाख से अधिक किसानों को ‘सम्मान निधि’ नहीं मिली लेकिन सरकार ने किसान आंदोलन रोकने के लिए नोडल अधिकारी बनाएं हैं. कांग्रेस महासचिव ने कहा कि बीजेपी किसानों का ऐसे सम्मान करती है.

सरकार ने एक बार फिर रुख साफ़ करते हुए कहा की क़ानून पुरे देश भर के लिए है और देशभर के किसान बिल को समर्थन दे रहे है.कृषि मंत्री ने कहा कि किसान नेताओं को देश हित में आंदोलन को वापस लेना चाहिए. वहीं, किसानो़ं ने कहा कि वो कानून को वापस कराना चाहते हैं. इसके अलावा कुछ मंजूर नहीं. बैठक में सरकार ने ये भी साफ कर दिया कि वो कानून वापस नहीं लेगी.

हर बार की भांति इस बार भी किसानो नेताओं ने अपना भोजन लंगर से मंगवाया और खाया.