वर्तमान दौर में कोरोना का संक्रमण वाकई चिंताजनक है, लेकिन इस दौरान लोगों को अन्य स्वास्थ्य समस्याएं परेशान कर रही हैं, उनके उपचार के लिए वे हॉस्पिटल के ओपीडी में जाने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे। इसे समस्या की गंभीरता को देखते हुए, कुछ गाइड लाइंस के साथ भारत सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय ने डॉक्टर्स को इस बात की अनुमति दे दी है कि कुछ स्वास्थ्य समस्याओं के उपचार के लिए वे अपने मरीजों को ऑनलाइन कंसल्टेंसी दे सकते हैं। इस दौरान किन बातों का ध्यान रखना चाहिए, जानेंगे इस बारे में….

किन स्थितियों में है उपयोगी

– पहले से थायरॉयड, हाई बीपी, डायबिटीज जैसी समस्या होने पर

– अगर पेट में दर्द, पाचन संबंधी गड़बड़ी, मांसपेशियों या जोड़ों में दर्द हो

– त्वचा संबंधी मामूली एलर्जी

– यूटीआई, पीरियड्स में अनियमितता, हल्की या हेवी ब्लीडिंग, दर्द, प्रेग्नेंसी के दौरान नॉज़िया या पाचन संबंधी समस्याएं।

जब बच्चे या बुजुर्ग हों बीमार

– अगर बच्चे की उम्र 5 साल से कम हो या बुजुर्ग इतने कमजोर हों कि वे खुद अपनी समस्या बताने में असमर्थ हों तो डॉक्टर को फोन करने से पहले लक्षणों को नोट कर लें।

– बुजुर्गों के लिए डॉक्टर का प्यार भरा आश्वासन भी दवा की तरह असर करता है, इसलिए मामूली समस्या होने पर भी फोन पर डॉक्टर से उनकी बात करवा दें।

– कुछ समस्याएं ऐसी होती हैं, जिनकी जांच के लिए डॉक्टर के सामने शारीरिक रूप से उपस्थित रहना जरूरी होता है। मसलन दांत, आंख, कान या गले में दर्द होने पर, प्रेग्नेंसी के दौरान दर्द, ब्लीडिंग या गर्भस्थ शिशु का मूवमेंट महसूस न होने पर। ऐसी स्थिति ऑनलाइन सलाह लेने के बजाय सीधे डॉक्टर के पास जाना चाहिए।

अगर आप इन बातों का ध्यान रखेंगे तो हमेशा स्वस्थ और सुरक्षित रहेंगे।

कुछ जरूरी बातें

1. जो डॉक्टर पहले से आपके परिवार के सदस्यों का ट्रीटमेंट करते आ रहे हैं, हमेशा उन्हीं से ऑनलाइन कंसल्टेंसी लें। बच्चों और बुजुर्गों के मामले में इस बात का खास ध्यान रखें।

2. अपॉइंटमेंट लेने के बाद बिना देर किए निर्धारित समय पर कॉल करें, ध्यान रहे उस दौरान कमरे में किसी तरह का शोर न हो।

3. जो भी बातें पूछनी या बतानी हैं, उन्हें पहले से एक डायरी में नोट कर लें।

4. अगर आप डायबिटीज़ या हाई ब्लड प्रेशर के मरीज हैं तो पहले शुगर लेवल और बीपी की जांच करने के बाद ही डॉक्टर को कॉल करें।

5. अगर हार्ट, किडनी या लिवर से संबंधित किसी गंभीर समस्या का पहले से ही ट्रीटमेंट चल रहा हो तब भी संबंघित टेस्ट कराने के बाद ही डॉक्टर से सलाह लें।

6. अगर बाद में कुछ और पूछने की जरूरत महसूस हो तो कॉल करने के बजाय वॉट्सएप पर मैसेज कर