मध्य प्रदेश में ट्रक ऑपरेटर्स की 10 से 12 अगस्त की हड़ताल के कारण सोमवार को दो दिन बाद भी मध्य प्रदेश जाने वाले माल की बुकिंग नहीं की जा सकी। अगले तीन दिन तक बुकिंग बंद रहेंगी। वहीं एमपी से आने वाला माल भी नहीं आ सकेगा।

वहीं आंदोलन के कारण ट्रांसपोर्टर्स ने महाराष्ट्र और दक्षिण के राज्यों से आने वाले ट्रकों को भी एमपी के बार्डर पर रोक दिया है। इस कारण करीब आगरा आने वाले और यहां से गए 200 ट्रक सीमाओं पर फंसे हुए हैं। तीन दिन की बंदी से फल, सब्जी की आवक प्रभावित होगी।

ऑल इंडिया मोटर्स ट्रांसपोर्ट कांग्रेस के आह्वान पर बैरियरों पर वसूली के विरोध में पूरे मध्य प्रदेश में ट्रकों का चक्का जाम शुरू हो चुका है। महाराष्ट्र से एमपी होकर आने वाली गाड़ियां बॉर्डर पर खड़ी हो गई हैं। जोकि चक्का जाम खत्म होने के बाद ही आ सकेंगी। आगरा से मध्य प्रदेश के देवास, इंदौर, भोपाल समेत अन्य मंडियों में माल भेजने वाले ट्रांसपोर्टर्स ने माल की बुकिंग को सोमवार को बंद रखा। शनिवार व रविवार को भी लॉकडाउन के कारण बंद था।

परेशानी : कच्चे माल पर ज्यादा असर
शहर से मध्य प्रदेश के लिए माल भेजने वाले ट्रांसपोर्टर्स रमेशलाल गुप्ता का कहना है कि सबसे ज्यादा असर कच्चे माल पर पड़ेगा, क्योंकि फल, सब्जी को चार से पांच दिन तक नहीं रोका जा सकता है। ऐसे में पार्टियों को माल का नुकसान होगा। उधर, माल की किल्लत भी पैदा हो जाएगी।

सोमवार से ही मध्य प्रदेश को जाने वाले माल की बुकिंग बंद हो चुकी है। वहां से भी तीन दिन तक कोई माल नहीं आएगा। महाराष्ट्र व दक्षिण भारत के राज्यों से केला, नारियल, सब्जी, फल और मध्य प्रदेश से आने वाली हरी मिर्च भी नहीं आ पाएगी। आगरा से मध्य प्रदेश में परचून, कपड़ा, आलू, जूता भेजा जाता है, ये भी रुका हुआ है।

जन्माष्टमी पर माल फंस गया
जन्माष्टमी के त्योहार पर तीन दिन की मध्य प्रदेश की बंदी के कारण माल फंस गया है। आगरा के तकरीबन एक सौ ट्रक फंसे हुए हैं। इनके तीन दिन बाद आने की संभावना है। त्योहार पर इस बंदी का बुरा असर पड़ेगा।

त्योहार पर महंगे हो सकते हैं फल
जन्माष्टमी के त्योहार पर केले, सेब, नारियल समेत अन्य फल आने थे, लेकिन हड़ताल के कारण वह त्योहार के बाद ही यहां आ सकेंगे। इससे मंडियों में फलों की आवक प्रभावित होगी तो दामों पर असर पड़ना तय है। 

ट्रांसपोर्टर्स ने किया विरोध प्रदर्शन
एआईएमटीसी के आह्वान पर एमपी में चक्का जाम का खास असर है। इसका असर आगरा समेत आसपास के राज्यों में माल की आवाजाही पर पड़ा है। आगरा से भी काफी संख्या में ट्रांसपोटर्स ने बार्डरों पर पहुंचकर मध्य प्रदेश के ट्रक ऑपरेटर्स के आंदोलन को समर्थन दिया और हॉर्न बजाकर विरोध प्रदर्शन किया।