कृषि कानून के विरोध में आंदोलन पिछले 3 हफ्तों से जारी है. इस मसले पर राजनैतिक दलों के बीच तीखी सियासत देखने को भी मिली है. किसान आंदोलन में शामिल किसान के पहनावे को लेकर भी सवाल उठाये जा रहे हैं. प्रदर्शन के बीच किसानो के पिज़्ज़ा खाने पर भी चर्चा छेड़ी गयी है. किसानो के पहनावे को लेकर उठे सवालो पर आम आदमी पार्टी नेता संजय
सिंह ने कहा की  ‘अजीब बात है कि कोई किसान सुप्रीम कोर्ट का वकील नहीं हो सकता, कोई किसान पिज्जा नहीं खा सकता, कोई किसान स्कॉर्पियो से नहीं चल सकता। किसानों के प्रति ऐसी हीन भावना क्यों है?’

सिंह ने यह आरोप लगाया की किसानो की आत्महत्या के आंकड़े बदल दिये गए हैं. जो किसान आत्महत्या करते हैं उन्हें आतंकवादी, खालिस्तानी कह दिया जाता है। उन्हें चीन और पाकिस्तान से मिला हुआ कह दिया जाता है। संजय ने कहा, ‘आप भगत सिंह, करतार सिंह सराभा के वंशजों को आतंकवादी कहते हैं। जिन लोगों ने जलियावाला बाग कांड में अपनी आहुती दी उनकी आत्मा को आज कितनी तकलीफ हो रही होगी। मुझे समझ नहीं आता कि देश में कितनी कमजोर सरकार चल रही है।’

आप सांसद ने कहा की अगर हमारे देश में पाकिस्तानी या आतंकवादी ऐसे ही घुस आते हैं तो ग्रह मंत्री को अपने पद्ध से इस्तीफा दे देना चाहिए. उन्होंने कहा, ‘इसी आंदोलन में किसान बैठे थे और उनके बेटे सुखबीर सिंह सीमा पर शहीद हो गए। बेटा भारत माता की रक्षा कर रहा है, पिता धरती माता की रक्षा कर रहा है। जब कोरोना के समय में संसद नहीं बुलानी थी तो बिल पास कराया गया। अब कह रहे हैं कि कोरोना के चलते संसद नहीं चलेगी।’

उन्होंने कहा की राज्ये सभा में यह बिल ज़बरदस्ती पास कराया गया है.अंबानी और अडाणी को फायदा पहुंचाने के लिए बिल पास किया गया। संजय सिंह ने कहा कि अब जिद छोड़ कर बीजेपी को किसानों की बात माननी चाहिए।