कानपुर (मा.स.स.). आईआईटी कानपुर के स्टार्टअप ड्रोन इंड्योरएयर ने उत्तराखंड के जोशीमठ के पास फटे ग्लेशियर के बाद शुरू हुए रेस्क्यू ऑपरेशन काफी मदद की है। बंद रास्तों के बारे में जानकारी देने के साथ ही लोगों तक राहत सामग्री भी पहुंचाई। यह पहला मौका था जब आपदा के दौरान स्टार्टअप की मदद ली गई। बचाव कार्य में लगी एनडीआरएफ और सेना की टीम की मदद करने की लिए इंड्योरएयर को प्रधानमंत्री विज्ञान प्रौद्योगिकी और नवाचार सलाहकार परिषद के अधीन अग्नि कार्यालय की ओर से बुलाया गया था।

जहां रास्ते पूरी तरह से बंद हो गए थे और फंसे ग्रामीणों से संपर्क नहीं हो रहा था, वहां भी इस ड्रोन ने राहत सामग्री पहुंचाई। सुरंग के अंदर रास्ता है या नहीं, आगे पानी तो नहीं भरा है इसकी जानकारी भी दी। उत्तराखंड में एनडीआरएफ के डीआईजी मोहसिन शाहिदी, सीओ पीके तिवारी, डीसी आदित्य प्रताप सिंह के साथ मिलकर टीम ने काम किया। इंड्योरएयर के को-फाउंडर चिराग जैन ने कहा कि अग्नि की ओर से आमंत्रण मिलते ही टीम कई ड्रोन के साथ उत्तराखंड पहुंची। सुरंग में छोटा ड्रोन भेजा गया और लोकेशन के साथ फोटो कंट्रोल रूम में आती गई। इसकी मदद से एनडीआरएफ की टीम रेस्क्यू करती रही।