कृषि कानून के खिलाफ किसान आंदोलन को 2 हफ्ते से अधिक हो चुके हैं और किसान अपनी मांगो को लेकर अड़े हुए हैं। किसान दिल्ली की सीमाओं पर पिछले 2 हफ्तों से डटे हुए हैं। किसानो की मांग है की कृषि कानून को रद्द कर दिया जाये, जिसे सरकार नहीं मान रही है। ऐसे में आज दिल्ली की सिंघु,टिकरी, पलवल, गाजीपुर सीमाओं पर किसान सुबह 8 से शाम 5 बजे तक भूख हड़ताल पर रहेंगे। इसी के साथ देशभर में टोल नाकों को किसान घेर लेंगे और वाहनों को मुफ्त में पास कराएंगे।

किसानो के साथ CM अरविन्द केजरीवाल भी इस भूख हड़ताल में किसान के समर्थन में है। किसानों की मांग है कि बैठकों में खुद पीएम मोदी को सामने आना चाहिए, ताकि किसानों की समस्या सुनी जाए और सीधे कानूनों को रद्द कर दिया जाए। भारतीय किसान यूनियन के अध्यक्ष मनजीत ने कहा है कि हम भूख हड़ताल से सरकार को ये बता देना चाहते हैं कि जो अन्नदाता देश का पेट भरता है उसको आज आपकी गलत नीतियों की वजह से भूखा बैठना पड़ रहा है।

कृषि कानून के खिलाफ किसानो का आंदोलन तेज होता नज़र आ रहा है। किसानो का आंदोलन मंगलवार को 19 वे दिन में प्रवेश कर चूका है। किसान सिर्फ एक ही मांग पर अड़े हुए हैं की नए कृषि कानून को रद्द किया जाये और दूसरी तरफ सरकार अपने जारी किये कानूनों को किसानो को समझाने में लगी हुई है। इस मसले पर कई बैठके भी हो चुकी हैं मगर कोई समाधान नहीं निकला है।