सोंचिये यदि आप रोज़ का 500 रुपया कमाते हो और आपका सपना हो की काश मै भी एक छोटे से कंपनी का मालिक होता . और आपने दिन रात मेहनत से उस सपने को सच कर दिखाया ..और लोगो को आपसे ऐसी कोई उम्मीद न हो की आप ऐसा भी कोई कीर्तिमान रच डालेंगे तो आप कैसा महसूस करेंगे जाहिर सी बात है आप बोहोत खुश होंगे और आप पर लोगो का भरोसा बढ़ेगा और आपका ओह्ह्दा भी ऊँचा होगा ओहदा मतलब की आपका मान – सम्मान बढ़ेगा ……..

छात्र से आप समझ गए ही होंगे की मै किस विषय पर बात करने जा रहा हूँ …..बिहार राज्य की राजधानी पटना से . पटना के एक छात्र ने इतिहास रचा है.19 साल के छात्र ऋतिक राज ने ऐसा कमाल किया है जिसपर हर कोई गर्व कर सकता है. उसकी पढ़ाई में गहरी रूचि देखते हुए अमेरिका की एक यूनिवर्सिटी ने राज को 2.5 करोड़ रुपये की स्‍कॉलरशिप देने का फैसला किया है.

ऋतिक पटना के ही रेडियंट स्कूक के 12 वी के छात्र है . ऋतिक राज ने हिन्दुस्तान का नाम दुनिया में रोशन किया है. अमेरिका की राजधानी वाशिंगटन डीसी की जॉर्ज टाउन यूनिवर्सिटी ने यह स्कॉलरशिप दी है.जिसका नाम आरूप छात्रवृत्ति है.
पटना के ऋतिक राज ने साबित कर दिखाया की ज़िद और मेहनत सच्ची लगन से की जाए तो मंज़िल कितना भी दूर क्यों न हो हासिल किया जा सकता है.

ऋतिक ने एक मिसाल पेश किया की एक छोटे से शहर का का लड़का भी बड़ा धमाका कर सकता है. ऋतिक पटना में ही गोला रोड में ही रहकर पढ़ाई करते है .रितिक राज मूल रूप से पटना के ही बिक्रम के महमदपुर गांव के निवासी हैं। दिलचस्प बात यह है कि वे अपने परिवार से कॉलेज जाने वाले पहले व्यक्ति हैं।

रितिक ’20 मोमेंट्स ऑफ डेक्सटेरिटी’ अभियान के तहत आने वाले पहले छात्र हैं। वे डेक्सटेरिटी ग्लोबल के पूर्व छात्र हैं। डेक्सटेरिटी ग्लोबल शैक्षिक अवसरों और प्रशिक्षण के माध्यम से शिक्षा को नेतृत्व से जोड़ने का काम करता है। रितिक ने 2019 में रेडिएंट इंटरनेशनल स्कूल से स्नातक किया। उन्होंने कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्लेटफार्मों, जैसे अमेरिका के प्रतिष्ठित येल विश्वविद्यालय और थाईलैंड में बहस प्रतियोगिता में भी भारत का प्रतिनिधित्व किया है। वर्तमान में वे डेक्सटेरिटी ग्लोबल के वैश्विक परिषद के उपाध्यक्ष हैं। 2018 में रितिक ने रेडिएंट इंटरनेशनल स्कूल में बिहार के पहले TED-Ed क्लब की शुरुआत की, जहां उन्होंने 50 चयनित छात्रों को विज्ञान, कला और साहित्य पर अपने विचारों को आगे बढ़ाने के लिए प्रशिक्षित भी किया

मै अपने कहे शब्दों में एक शब्द का खूब इस्तेमाल किया डेक्सटेरिटी’ का .क्या है ये जान लेते है थोड़ा डेक्सटेरिटी ग्लोबल शैक्षिक अवसरों और प्रशिक्षण के माध्यम से शिक्षा को नेतृत्व से जोड़ने का काम करता है.रितिक के चयन पर डेक्सटेरिटी ग्लोबल के संस्थापक एवं CEO शरद विवेक सागर ने कहा कि सुबह के 5 बज रहे थे जब रितिक को जॉर्जटाउन यूनिवर्सिटी की छात्रवृत्ति के लिए चुना गया। रितिक ने अपनी मां के पैर छुए और तुरंत हमारे कार्यालय के लिए रवाना हो गए। रितिक के लिए हम सब बहुत खुश थे। वह 13 साल के थे जब पहली बार उनका डेक्सटेरिटी में आगमन हुआ.