विक्रांत को इतनी जल्दी पंख फैलाने का मौका नहीं दिया. खुद विक्रांत बताते हैं कि उन्हें पहले फिल्मों में सिर्फ इसलिए काम नहीं मिलता था क्योंकि वे एक टीवी एक्टर थे.

टीवी की दुनिया में दस साल तक अपने अभिनय का लोहा मनवाने वाले कलाकार विक्रांत मैसी को आज पूरी दुनिया जानती है. काम बढ़िया करते हैं, एक्टिंग नेचुरल दिखती है और टैलेंट तो कूट-कूट कर भरा ही है. एक्टर ने टीवी से फिल्मों तक का सफल सफर तय कर लिया है. लेकिन इस सफर में विक्रांत ने स्ट्रगल भी देखा है, ताने भी सुने हैं और नेपोटिज्म का अनुभव भी कर लिया है.

विक्रांत का टीवी सीरियल वाला करियर

विक्रांत ने साल 2004 में टीवी की दुनिया में कदम रखा था. वे सीरियल ‘कहा हूं मैं’ में नजर आए थे. एक सीरियल में बढ़िया काम किया, इसलिए आगे भी सास-बहू वाले सीरियल मिलते गए और टीवी इंडस्ट्री में विक्रांत का करियर बुलंदियों को छू गया. एक्टर को उनके बालिका वधू सीरियल में श्याम वाले रोल के लिए काफी जाना जाता है. इतना कमाल का काम कर गए थे कि सभी ने उन्हें टीवी इंडस्ट्री का इरफान खान बता दिया था. विक्रांत ने सीरियल तो और भी कई किए, लेकिन उनका मन फिल्मों में जा अटका. एक्टर कुछ बड़ा करना चाहते थे. वे खुद को बतौर हीरो स्थापित करने के सपने देख रहे थे.

लेकिन विक्रांत को इतनी जल्दी पंख फैलाने का मौका नहीं दिया गया. खुद विक्रांत बताते हैं कि उन्हें पहले फिल्मों में सिर्फ इसलिए काम नहीं मिलता था क्योंकि वे एक टीवी एक्टर थे. लॉजिक ये दिया जाता था कि टीवी में काम करने वाले शख्स की स्टार अपील नहीं होती. विक्रांत को ताना देते हुए यहां तक कहा गया है- ‘हीरो मटेरियल नहीं है तू’. अब 10 साल तक टीवी में काम करने वाले एक्टर को लेकर अगर ऐसा बोला जाए तो बुरा तो लगता है. दिल भी टूटता है. लेकिन विक्रांत अलग मिट्टी के बने थे. उन्होंने वो बेइज्जती वाले घूट भी पी लिए और बस काम करते गए. देखते ही देखते रणवीर सिंह की लुटेरे के जरिए अपना बॉलीवुड डेब्यू कर लिया.

स्क्रिप्ट तक पढ़ने नहीं दी

विक्रांत बताते हैं कि इस फिल्म की उन्हें स्क्रिप्ट भी पहले नहीं दी गई थी. एक्टर की माने तो स्क्रिप्ट तो सिर्फ लीड हीरो को दी जाती थी, सपोर्टिंग कास्ट के साथ मेकर्स का रवैया हमेशा अलग रहता था. विक्रांत की थ्योरी माने तो नौकर का रोल प्ले करने वाले के साथ सेट पर भी वैसा ही व्यवहार किया जाता था. खैर इस सबसे विक्रांत को ज्यादा फर्क नहीं पड़ा और वे धीरे-धीरे काम करते गए. एक्टर ने दिल धड़कने दो में भी अच्छी एक्टिंग कर लाइमलाइट बटोरी.

वेब सीरीज के सुपरस्टार

इस सब के बावजूद भी विक्रांत को एक सपोर्टिंग एक्टर के तौर पर ही देखा गया. उन पर ज्यादा भरोसा तो वैसे भी कोई फिल्ममेकर नहीं दिखा रहा था. ऐसे वक्त में एक्टर ने बेहतरीन दिमाग चलाते हुए अपने करियर का रुख बदल दिया. उन्होंने वेब सीरीज की दुनिया में दस्तक दे दी. देखते ही देखते विक्रांत मेसी ने क्रिमिनल जस्टिस, मिर्जापुर, ब्रोकन बट ब्यूटीफुल, मेड इन हैवन जैसी सुपरहिट सीरीज में एक्टिंग का जौहर दिखा दिया. अब क्योंकि वेब सीरीज की दुनिया में धूम मचा दी, ऐसे में बॉलीवुड फिल्मों में भी बड़े रोल मिलने लगे. दीपिका संग छपाक कर ली तो भूमि पेडनेकर संग डॉली किट्टी और चमकते सितारे में भी दमखम दिखा दिया. अब कोई विक्रांत को ये ताना नहीं देता कि तुम हीरो मटेरियल नहीं लगते हो. अब कई बार हीरो से ज्यादा तवज्जो विक्रांत ले जाते हैं और यही उनके टैलेंट के साथ सबसे बड़ा न्याय है.