हेपेटाइटिस हमारे यकृत यानी लिवर से जुड़ी एक बीमारी है। जब हमारे लिवर पर सूजन आ जाती है और वह अपनी क्षमता के अनुरूप कार्य नहीं कर पाता है। तो इस स्थिति को हेपेटाइटिस कहा जाता है। आमतौर पर हेपेटाइटिस किसी ना किसी तरह के संक्रमण के कारण होता है और घर तथा आस-पास में हाइजीन का अभाव भी इस बीमारी के होने की एक बड़ी वजह होता है। लेकिन वायरल संक्रमण और बहुत अधिक शराब के सेवन के कारणभी यह बीमारी हो सकती है..

हेपेटाइटिस बीमारी मुख्य रूप से दो प्रकार की होती है। पहला है एक्यूट हेपेटाइटिस यानी प्रारंभिक स्थिति और कम घातक। एक्यूट हेपेटाइटिस का असर 6 महीने तक रह सकता है। जबकि दूसरा है क्रॉनिक हेपेटाइटिस यानी लंबे समय तक चलनेवाली दीर्घकालिक बीमारी।
हेपेटाइटिस के अन्य प्रकार
– मुख्य रूप से हेपेटाइटिस दो प्रकार का होता है लेकिन जब इसको कुछ मेडिकल विशेषताओं के आधार पर वर्गीकृत किया जाता है तो यह करीब 7 प्रकार का होता है। इन 7 प्रकारों में हेपेटाइटिस-ए, बी, सी, डी, ई, एल्कोहॉलिक हेपेटाइटिस और ऑटोइम्यून हेपेटाइटिस शामिल हैं।