यूनिवर्सिटी ऑफ इलिनॉइस (University of Illinois) के वैज्ञानिकों ने ऐसी तकनीक तैयार की है, जिससे 5 मिनट से कम में कोरोना टेस्ट का नतीजा आ सकता है। दुनियाभर में अब तक कोरोना (Covid-19) की जांच के लिए दो ही तरीके के टेस्ट (Corona Test) का इस्तेमाल हो रहा है. पहला आरटीपीसीआर (RT-PCR) जिसका नतीजा आने में कम से कम 24 घंटे का समय लगता है. दूसरा है- रैपिड ऐंटीजन टेस्ट (Rapid Antigen Test) जिसका रिज्लट करीब 30 मिनट में आता है।

शोधकर्ताओं का कहना है कि जब इस सेंसर को माइक्रोकंट्रोलर, LED स्क्रीन और स्मार्टफोन (Smartphone) में जोड़ दिया जाएगा तब घर बैठे लोग इससे टेस्ट (Corona Test) कर सकते हैं

यूनिवर्सिटी ऑफ इलिनॉइस (University of Illinois) के ग्रेंजर कॉलेज के शोधकर्ताओं ने कोरोना की जांच (Corona Test) के लिए एक अल्ट्रासेंसिटिव टेस्ट (Ultra-sensitive Test) तैयार किया है. इस टेस्ट में कागज की मदद से इलेक्ट्रोकेमिकल सेंसर तैयार किया गया है, जिससे सिर्फ 5 मिनट के अंदर कोरोना वायरस (Coronavirus) का पता लगाया जा सकता है. बीते कुछ समय में वैज्ञानिकों ने 2D नैनोमीटर की मदद से ग्राफीन पॉइंट ऑफ केयर जैसे कुछ बायोसेंसर तैयार किए हैं जिससे बीमारियों का पता लगाया जा सकता है. ग्राफीन (Graphene) बायोसेंसर की खासीयत ये है कि ये जल्दी रिजल्ट देते हैं और इसे बनाने में लागत भी कम आती है।

इस शोध में टीम ने इलेक्ट्रोकेमिकल सेंसर से कोविड-19 पॉजिटिव और नेगेटिव सैंपल की जांच की. सेंसर ने 5 मिनट से भी कम समय में नतीजा (Corona Result) दिया. नतीजों में पॉजिटिव सैंपल में वोल्टेज काफी ज्यादा पाई गई जब्कि नेगेटिव सैंपल मे वोल्टेज कम रही. साथ ही इसमें वायरस के मौजूद होने की पुष्टि भी हुई है।

साइंटिफिक जर्नल एसीएस नैनो (ACS Nano) में छपी इस स्टडी के मुताबिक ये शोध यूनिवर्सिटी ऑफ इलिनॉइस (University of Illinois) में बायोइंजीनियरिंग पढ़ रहे छात्र ‘माहा अलाफीफ’ ने किया है. इसमें ग्राफीन (Graphene) बायोसेंसर का इस्तेमाल किया गया है जिससे वायरस का पता लगाया जाता है. अलाफीफ का कहना है कि हम इस वक्त एक ऐसे दौर से गुजर रहे हैं जो इस सदी में पहले कभी नहीं देखा गया. इस वैश्विक जरूरत को देखते हुए हमने ऐसी तकनीक तैयार की है जो SARS-CoV-2 का जल्दी पता लगाने में मदद करेगी।