लाइफ है तो हैपीनेस है और स्ट्रेस भी है।
जीवन में उतार चढाव होते रहते है स्ट्रेस सब की लाइफ में है कभी वर्क का,फाइनेंस का ,हेल्थ का तो कभी रिलेशन का
अब हम स्ट्रेस को बॉडी की साइंस से जोड़ कर देखते है, वैसे ह्यूमन बॉडी में बहुत से रीज़न है स्ट्रेस के
उनमे से एक है हाई लेवल ऑफ़ कोर्टिसोल हॉरमोन
आइये जानते है की कोर्टिसोल है क्या और ये स्ट्रेस से किस तरह रिलेटेड है

कोर्टिसोल (Cortisol) स्टेरॉयड हॉर्मोन्स में से एक है. एड्रेनल ग्लैंड द्वारा इस हार्मोन (Hormone) का निर्माण होता है
Stress) प्रतिक्रिया के संबंध के कारण कोर्टिसोल को ‘स्ट्रेस हार्मोन’ भी कहा जाता है

कोर्टिसोल हार्मोन की अधिकता और कमी, दोनों ही स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हैं. कोर्टिसोल की कमी के कारण ‘प्राइमरी एड्रेनल इन्सफीसियंसी’ या एडिसन रोग की समस्या हो सकता है. यह एक टाइप की ऑटोइम्यून बीमारी है, जिसके कारण एड्रेनल ग्रंथियों को क्षति होने का खतरा रहता है. वैसे तो इसके लक्षण धीरे-धीरे शुरू होते हैं, लेकिन समय के साथ वे काफी गंभीर हो सकते हैं. प्राइमरी एड्रेनल इन्सफीसियंसी के रोगियों को थकान, मांसपेशियों की क्षति , वजन घटाने, मूड स्विंग और त्वचा में परिवर्तन जैसी समस्याओं के होने का खतरा रहता है.

चूंकि, कोर्टिसोल शरीर की कई कोशिकाओं में मौजूद होता है, ऐसे में इसके कार्य भी उसी आधार पर अलग-अलग होते हैं
कोर्टिसोल के लम्बे समय तक अधीक अस्तर पर बने रहने के कारण आपको हाई ब्लड शुगर ,हाई बीपी ,इन्फेक्शन से लड़ने आदि की
क्षमता काम होती है।