किसान आंदोलन के करीब 54 दिन होने को है मगर अब तक कोई हल निकलता नहीं दिख रहा। किसान अपनी बात पर अटल है और सरकार बिल वापिस लेने को राज़ी नहीं है। अब तक सरकार से किसान नेता 9 दफा बात कर चुकी है और आगे भी बात करने के तारिक दे दी गयी है मगर के इससे हल निकलता नहीं दिख रहा।

आज किसान आंदोलन में महिलाओं ने किसान महिला दिवस में रूप में मनाया। इस मौके पर अलग अलग राज्यों से छात्राएं, डॉक्टर, प्रोफेसर और किसान परिवार से जुड़ी महिलाएं आंदोलन में शरीक होने के लिए पहुंची हैं। इस पल को यादगार हो गया जब वीर शहीद भगत सिंह भांजी खुद सिंघु बॉर्डर पहुँच किसानो का हौसला बढ़ाया।

भगत सिंह की भांजी गुरदीप कौर ने पहले अपने किसान भाइयों को तारीफ करते हुए कही हम आंदोलन में इसलिए आये हैं क्योंकि हम ये दिखाना चाहते हैं कि महिलाएं भी आंदोलन में हर तरह से कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी हैं.’ उन्‍होंने कहा, ‘सुप्रीम कोर्ट ने जो टिप्पणी की, उससे दुख हुआ. हम ये बताना चाहते हैं कि हम शारीरिक रूप से कमजोर नही हैं. सरकार को हमारी बात माननी ही पड़ेगी. सरकार को जनता चुनती है, फिर सरकार किसके लिए काम कर रही है.’

महिला दिवस पर पंजाबी अभिनेत्री ‘ गुल पनाग ‘ ने भी सिंघु बॉर्डर पहुँच किसानो और महिलाओं की हौसला बढ़ाया। किसान महिला दिवस की खास बात ये हैं कि मंच के संचालन से लेकर, उसकी सुरक्षा में आज केवल महिलाएं ड्यूटी कर रही हैं. यही नहीं, मंच से महिलाएं ही बोल रही हैं और और उनको सुनने वाली महिलाएं ही हैं.