केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में आज जीएसटी काउंसिल की बैठक होगी. इसमें कोविड-19 से जुड़ी आवश्यक वस्तुओं और ब्लैक फंगस की दवाओं पर जीएसटी रेट में कटौती पर निर्णय लिया जा सकता है. मीटिंग में ग्रुप ऑफ मिनिस्टर (जीओएम) की सिफारिशों पर विचार किया जाएगा.

दरअसल, 28 मई को जीएसटी काउंसिल की पिछली बैठक में टीके, दवाओं, टेस्ट किट और वेंटिलेटर सहित कोविड -19 आवश्यक वस्तुओं पर जीएसटी में छूट देने के लिए में ग्रुप ऑफ मिनिस्टर (जीओएम) के गठन का निर्णय लिया गया था. जीओएम ने अपनी रिपोर्ट 7 जून को सौंप दी और आज की बैठक में इस पर चर्चा होगी.

बैठक में राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के वित्त मंत्री होंगे शामिल

जीएसटी काउंसिल की वर्चुअल बैठक में केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर के साथ-साथ राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के वित्त मंत्री और सीनियर अधिकारी शामिल होंगे.उत्तर प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने बुधवार को कहा कि राज्य मरीजों की सुविधा के लिए कोविड -19 आवश्यक पर करों में कटौती के पक्ष में है, लेकिन टैक्स पर जीएसटी परिषद के निर्णय को स्वीकार करेगा. खन्ना जीओएम के सदस्य भी हैं.

5 से 18 फीसदी तक लग रहा जीएसटी

जीओएम को कोविड -19 उपचार के लिए काम आने वाली दवाओं, टेस्ट किट, वैक्सीन, मेडिकल ग्रेड ऑक्सीजन, पल्स ऑक्सीमीटर, हैंड सैनिटाइज़र, ऑक्सीजन थेरेपी उपकरण (कंसंट्रेटर, जनरेटर और वेंटिलेटर), पीपीई किट, एन 95 मास्क, सर्जिकल मास्क, थर्मामीटर पर जीएसटी में रियायत या छूट पर रिपोर्ट देनी थी.

टीके और कॉटन मास्क जहां पर 5% जीएसटी लगता है, वहीं इनमें से अधिकतर आइटम 12% टैक्स स्लैब में आते हैं. टेस्ट किट, दवाएं, मेडिकल ऑक्सीजन, ऑक्सीजन कंसंट्रेटर और वेंटिलेटर 12% कर दायरे में आते हैं. अल्कोहल-आधारित सैनिटाइज़र, हैंड वॉश जैल, थर्मामीटर पर 18% जीएसटी लगता है. पश्चिम बंगाल और पंजाब जैसे काउंसिल के कई सदस्य राज्यों के कोविड से जुड़ी सभी आवश्यक वस्तुओं पर जीएसटी से छूट देने की मांग के बाद जीओएम का गठन किया गया था.