नई दिल्ली, बिजनेस डेस्क। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए आज 41 वीं जीएसटी परिषद की बैठक की अध्यक्षता करेंगी। इस बैठक में केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर के अलावा राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के वित्त मंत्रियों और केंद्र सरकार और राज्यों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे। यह बैठक पहले जुलाई में ही होने वाली थी। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कोरोना काल में जून में जीएसटी की बैठक के बाद इसकी घोषणा भी की थी। कोरोना महामारी की रोकथाम को लेकर किए गए देशव्यापी लॉकडाउन और उससे देशभर में आर्थिक गतिविधियों के प्रभावित होने के चलते जीएसटी संग्रह में भारी कमी आई है।

जीएसटी परिषद की आज होने वाली बैठक हंगामेदार हो सकती है। गैर-भाजपा शासित राज्य वस्तु एवं सेवाकर (जीएसटी) लागू करने के कारण राजस्व में हुए नुकसान की भरपाई के लिए केंद्र पर वादे के अनुसार क्षतिपूर्ति देने को लेकर दबाव बनाने की खातिर पूरी तरह से एकजुट हैं।

उल्लेखनीय है कि बुधवार को सात गैर-भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों की सोनिया गांधी की अध्यक्षता में हुई बैठक में जीएसटी मुआवजे का मुद्दा उठाया गया। विपक्ष के मुख्यमंत्रियों ने कहा कि केंद्र ने पिछले चार महीनों से राज्यों को जीएसटी मुआवजे का भुगतान नहीं किया है। उनका कहना था कि इससे आज स्थिति काफी भयावय हो गई है। सोनिया गांधी ने नरेंद्र मोदी सरकार को कटघरे में लेते हुए कहा कि जीएसटी पर राज्यों को क्षतिपूर्ति देने से इनकार किया जाना मोदी सरकार द्वारा राज्यों के लोगों से छल के अलावा और कुछ नहीं है।

गौरतलब है कि जीएसटी कानून के अंतर्गत जीएसटी लागू होने के पांच साल तक राज्यों को किसी भी कर नुकसान की भरपाई केंद्र सरकार द्वारा करने का प्रावधान है। केंद्र सरकार द्वारा राज्यों को पूरा जीएसटी मुआवजा नहीं देने से गैर-भाजपा सरकारें काफी परेशान हैं और वे लगातार इस मुद्दे को उठा रही हैं।