किसानो और सरकार के बीच होने वाली छटे दौरे की बैठक सरकार द्वारा रद्द करदी गयी है , इसकी जगह सरकार किसानो को कानून में कुछ बदलाव करके लिखित में देगी। अनुमान लगाया जा सकता है की उस लिखित प्रस्ताव में किसानो की कुछ मांगे पूरी हो सकती हैं।

कृषि कानून के खिलाफ चल रहे किसान आंदोलन को 14 दिन हो चुके हैं और किसान अब भी दिल्ली की सरहदों पर डेरा जमाये हुए हैं। किसानो द्वारा मंगलवार को भारत बंद बुलाया गया , जिसमे कई राजनैतिक दल समर्थन में सड़को पर उतरे थे। भारत बंद शाम होते होते ख़तम होगया था, और शाम को भारत बंद होने के बाद किसान नेताओं ने ग्रह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की। इस मुलाकात में सरकार ने साफ़ करदिया की कृषि कानून वापस नहीं लिया जायेगा , लेकिन हो सकता है की कानून में कुछ बदलाव किया जाये।

किसान आंदोलन के चलते भारत बंद की मियाद ख़तम होने के बाद , किसान नेता राकेश टिकैत ने बताया की शाम साथ बजे करीब किसान नेताओ और ग्रह म्नत्री अमित शाह के बीच बैठक होगी। बैठक का वक़्त साथ बजे पक्का करा गया था लेकिन जगह को लेकर कुछ गड़बड़ होजाने के कारण बैठक शुरू होने में देरी होगयी। देर रात मीटिंग होने के बाद जब किसान नेता बाहर आये तो वह सरकार की बातों से संतुष्ट नज़र नहीं आये। किसान नेताओं के मुताबिक, सरकार कृषि कानून वापस ना लेने पर अड़ी है और संशोधनों के साथ लिखित प्रस्ताव देने की बात कह रही है। 9 दिसंबर बुधवार को ही सरकार प्रस्ताव देगी, जिसपर किसान मिलकर संशोधनों पर बातचीत करेंगे।