राज्यसभा में समाजवादी पार्टी के नेता रामगोपाल यादव की ओर से सवाल पूछा गया कि कोरोना संकट की वजह से असंगठित क्षेत्र में कितने मजदूर बेरोजगार हुए, सरकार के पास इसका आधिकारिक आंकड़ा क्या है?

कोरोना संकट काल में प्रवासी मजदूरों की स्थिति काफी सुर्खियों में रही थी. बुधवार को केंद्र सरकार की ओर से संसद में इस मसले पर जवाब दिया गया. एक सवाल के जवाब में सरकार ने माना है कि कोरोना काल में लगे लॉकडाउन के वक्त करीब एक करोड़ लोग घर पहुंचे थे.

दरअसल, राज्यसभा में समाजवादी पार्टी के नेता रामगोपाल यादव की ओर से सवाल पूछा गया कि कोरोना संकट की वजह से असंगठित क्षेत्र में कितने मजदूर बेरोजगार हुए, सरकार के पास इसका आधिकारिक आंकड़ा क्या है?

इस सवाल के जवाब में श्रम मंत्री संतोष गंगवार की ओर से जवाब दिया गया है कि यह वास्तव में चिंता का विषय है, हम लोगों ने जो जानकारी इकट्ठा की है उसके मुताबिक दूसरे राज्यों से गृह राज्यों में आने का काम एक करोड़ मजदूरों ने किया है. इनमें से अधिकांश वापस भी लौट गए हैं, बाकी भी स्थान पा रहे हैं.

गौरतलब है कि कोरोना काल के वक्त मार्च में लॉकडाउन लगाया गया था. अचानक लॉकडाउन लगने के कारण लाखों की संख्या में प्रवासी मजदूर अपनी-अपनी जगह पर फंस गए थे. इस दौरान बड़ी संख्या में मजदूर सड़कों पर ही पैदल निकल गए थे.

हालांकि, लंबे वक्त के बाद भारत सरकार की ओर से अलग-अलग इलाकों के लिए स्पेशल ट्रेनें चलाई गई थीं. जिनमें प्रवासी मजदूरों को उनके राज्यों में भेजा गया था. मौजूदा वक्त में काफी बड़ी संख्या में मजदूर वापस अपने काम वाली जगह पर पहुंच गए हैं.

तब प्रवासी मजदूरों के मसले पर जमकर राजनीति हुई थी, विपक्ष की ओर से सरकार को घेरा गया था. साथ ही बीते साल हुए बिहार विधानसभा चुनाव के वक्त भी ये मुद्दा जमकर उठा था.