आज स्टार्टअप के मामले में भारत दुनिया का तीसरा बड़ा देश बन गया है. भारत ने इस दौरान कई उभरते उद्यमियों को आगे बढ़ने में मदद की गई.आपको बता दे की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 1,000 करोड़ रुपये के ‘स्टार्टअप इंडिया सीड फंड’ की घोषणा की है. इसका मकसद देश में आधुनिक तकनीक वाले नए उद्यमों और इनोवेशन को बढ़ावा देना है. इससे रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और लोगों के जीवन में सुधार आएगा. इसे सिर्फ नए उद्यमियों को दिया जाएगा.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये ‘प्रारम्भ: स्टार्टअप इंडिया इंटरनेशनल समिट’ को संबोधित करते कहा कि देश में स्टार्टअप के लिए पूंजी की कमी नहीं हो, इसके लिए कई कदम उठाए जा रहे हैं. यह सम्मेलन देश में स्टार्ट-अप इंडिया अभियान के पांच साल पूरे होने के अवसर पर आयोजित किया गया . प्रधानमंत्री ने 2016 में इसी दिन इस अभियान की शुरुआत की थी. सम्मेलन में बिमस्टेक सदस्य देशों की भी भागीदारी रही थीं.

प्रधानमंत्री मोदी ने यह भी कहा कि सरकार स्टार्टअप के लिए इक्विटी पूंजी जुटाने में मदद के वास्ते फंड ऑफ फंड्स की योजना को पहले ही अमल कर चुकी है. इसके साथ ही आने वाले दिनों में सरकार स्टार्टअप को गारंटी के जरिये फंड जुटाने में भी मदद करने वाली है.

उन्होंने कहा कि भारत में स्टार्टअप केवल बड़े शहरों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि नए उभरते 40 फीसदी स्टार्टअप देश के दूसरी और तीसरी श्रेणी के शहरों से सामने आ रहे हैं. भारत स्टार्टअप इकोसिस्‍टम के मामले में ‘युवा का, युवा द्वारा, युवाओं के लिए’ के मंत्र पर काम कर रहा है.