अब एक मुसीबत को लेकर सभी के मन में यह सवाल उठ रहा है की ब्रिटैन का नया कोरोना वायरस भारत में आचुका है क्या?। भारत और ब्रिटैन के बीच सारी फ्लाइट्स बंद करदी गयी है, मगर इस रोक से पहले ब्रिटैन से ए हुए यात्रियों में लगभग 20 लोग कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं। अभी और यात्रियों की भी कोरोना टेस्टिंग चल रही है।

वैज्ञानिकों के मुताबिक इनमें से 50 फीसदी यात्रियों में ब्रिटेन का नया कोरोना वायरस हो सकता है. दरअसल, ब्रिटेन में 60 फीसदी लोग नए कोरोना वायरस से बीमार हैं। इस हिसाब से 20 लोगो में आधे से ज़्यादा लोगो में नया कोरोना वायरस मिलने की आशंका है। इनके सैंपल की जीनोम सीक्वेंसिंग से पता चलेगा कि भारत में नया कोरोना वायरस आ चुका है या नहीं.

जीनोम सीक्वेंसिंग के लिए चुनिंदा प्रयोगशालाएं हैं – इंस्टीट्यूट ऑफ जीनोमिक्स एंड इंटीग्रेटिव बायोलॉजी (नई दिल्ली), सीएसआईआर-आर्कियोलॉजी फॉर सेल्युलर एंड मॉलिक्यूलर बायोलॉजी (हैदराबाद), डीबीटी – इंस्टीट्यूट ऑफ लाइफ साइंसेज (भुवनेश्वर), डीबीटी-इन स्टेम-एनसीबीएस (बेंगलुरु), डीबीटी – नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ बायोमेडिकल जीनोमिक्स (NIBMG), (कल्याणी, पश्चिम बंगाल), आईसीएमआर- नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी (पुणे)

पिछले 3 हफ्तों से ब्रिटैन से आये लोगो को कोरोना टेस्ट नहीं हुआ था। इसके चलते राज्ये सरकार को उन् लोगो की खोजबीन करने का आदेश दिया गया है। इस बीच तमाम राज्य सरकारों ने नए कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए कड़े कदम उठाए हैं।