पंजाब में अगले साल विधानसभा चुनाव (Punjab Assembly Elections 2022) होंगे. हाल ही में संपन्न हुए निकाय चुनावों को सत्ता के सेमीफाइनल के तौर पर देखा जा रहा है. कांग्रेस ने पंजाब के 7 नगर निगम चुनाव में BJP का सूपड़ा साफ कर दिया. कांग्रेस के खाते में बठिंडा नगर निगम 53 साल बाद आया है. BJP की पंजाब में हुई इस हार को किसान आंदोलन (Farmers Protest) से जोड़कर देखा जा रहा है. राज्य के वित्त मंत्री मनप्रीत सिंह बादल (Manpreet Singh Badal) ने NDTV से बातचीत में कांग्रेस को मिली जीत पर कहा कि चुनावी नतीजे हैरान करने वाले थे. पंजाब के लोग कांग्रेस से मोहब्बत करते हैं. लोगों ने जिस उम्मीद से कांग्रेस को वोट दिया है, हम उनकी उम्मीदों पर खरे उतरें.

ने कहा, ‘पंजाब के लोग कांग्रेस पार्टी से मोहब्बत करते हैं और कैप्टन अमरिंदर साहब पर ऐतबार करते हैं. शिकवे शिकायत भी हो जाते हैं. पिछले 4 साल हमने कोशिश की है कि हम उनकी आस पर खरे उतरें. लोकल इलेक्शन में किसान का ज्यादा रोल नहीं है. ये बात सच है कि किसान के मुद्दे की वजह से बीजेपी और अकाली दल टूटे हैं लेकिन किसान आंदोलन का इस इलेक्शन पर कोई खास असर नहीं है. कांग्रेस की पॉपुलेरिटी अभी भी पंजाब में है. इस कानून को लोग बेइंसाफी मान रहे हैं. पंजाब के लोग बेइंसाफी से नफरत करते हैं.’

उन्होंने आगे कहा, ‘लोग चाहते हैं कि ये कानून खत्म किए जाएं. कुछ कौमें बेइंसाफी से नफरत करती हैं और कभी हार नहीं मानतीं. किसान बोल रहे हैं कि कानून हमें नामंजूर हैं तो आप उनसे बातचीत करिए. कोई रास्ता निकलना जरूरी है. ये इंडिया के भी हित में है. जब तक ये कानून खत्म नहीं हो जाते तब तक मुझे नहीं लगता ये आंदोलन खत्म होने वाला है.
सरकार को दोस्त बढ़ाने हैं, दुश्मन घटाने हैं. सरकार को अपनी कौम की फिक्र होती है. किसान अब अपनी फसलें जला रहे हैं. भारत सरकार दो कदम पीछे हट जाएगी तो क्या हो जाएगा.’